कोरोना काल में शिक्षकों को चुनावी प्रशिक्षण के लिए तिथि का निर्धारण करना न्यायोचित नहीं है : केदार पाण्डेय

कोरोना काल में शिक्षकों को चुनावी प्रशिक्षण के लिए तिथि का निर्धारण करना न्यायोचित नहीं है : केदार पाण्डेय

PATNA : बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष, केदार नाथ पाण्डेय, सदस्य, बिहार विधान परिषद् एवं प्रभारी महासचिव विनय मोहन ने संयुक्त बयान में कहा है कि कोविड-19 के दूसरे चरण का व्यापक प्रभाव पूरे विश्व के स्तर पर दिखाई पड़ रहा है। भारत के बंगाल प्रांत में होनेवाले चुनाव में कोरोना केस बढ़ने का आंकड़ा अनुमानित 625 प्रतिशत के आसपास मीडिया में प्रसारित की जा रही है। बिहार में कोरोना अप्रत्याशित प्रभाव छोड़ रहा है। 

उन्होंने कहा की तमाम मेडिकल सुविधाएँ धराशायी होती जा रही हैं। कहीं आक्सीजन सिलेंडर का अभाव है तो कहीं दवा नहीं है। इस परिस्थति में पंचायत चुनाव कराने का निर्णय राज्य के नागरिकों के लिए सही नहीं है। पंचायत चुनाव में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक होती है। बिहार सरकार ने 15 मई तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिये हैं। काफी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएँ कोविड-19 के शिकार हैं। इससे कई शिक्षक काल के गाल में समा चुके हैं। तमाम तरह के आवश्यक उपाय एवं कोरोना गाइडलाईन का पालन करने पर जोर दिया जा रहा है। 

उन्होंने कहा की इस चुनाव में हर तबके के लोगों की जनभागीदारी रहती है, जिस कारण कोरोना के विस्तारीकरण की प्रबल संभावना है। ऐसी परिस्थति में शिक्षकों को चुनावी प्रशिक्षण के लिए तिथि का निर्धारण करना कहीं से भी न्यायोचित नहीं है। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ बढ़ते कोरोना के मद्देनजर तत्काल पंचायत चुनाव स्थगित करने का अनुरोध राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर किया है। यह सिर्फ कर्मचारियों के हित में ही नहीं अपितु राज्य के सम्मानित नागरिकों के हित में भी प्रभावी कदम होगा।

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