बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा शिवाजीनगर पीएचसी, आठ के बदले तीन डॉक्टर हैं कार्यरत

बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा शिवाजीनगर पीएचसी, आठ के बदले तीन डॉक्टर हैं कार्यरत

SAMSTIPUR : बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के कई दावे करती है. लेकिन राज्य के सुदूर इलाकों में आज भी स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर हालत है. आपको लिए चलते हैं समस्तीपुर जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर शिवाजीनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में. 

इस केंद्र पर लगभग ढाई लाख परिवारों के स्वास्थ्य के देखभाल की जिम्मेवारी है. लेकिन अस्पताल की हालत ऐसी है की अगर आप यहाँ स्वस्थ होने के मकसद से आएंगे तो गंभीर बीमारी लेकर घर जायेंगे. जर्जर बिल्डिंग में चलने वाले इस पीएचसी में आठ डॉक्टरों की जरूरत है. 

लेकिन यंहा महज तीन डॉक्टर ही कार्यरत हैं. प्रतिदिन यहाँ लगभग 5 से 6 महिलाओं का प्रसव होता है. लेकिन इस अस्पताल में एक भी महिला डॉक्टर नहीं हैं. यही नही इस पीएचसी में साफ सफाई की भी बदतर हालत है. डॉक्टरों की कमी का आलम यह है की डॉक्टर यदि दिन की शिफ्ट में है तो मरीजों की रात भगवान भरोसे हैं. 

वंही अन्य मेडिकल स्टाफ के अभाव में यहाँ मरीजों की सुनने वाला कोई नही है.  वैसे इस मामले पर इस पीएचसी के प्रबन्धक ने अपने लचर सिस्टम का बचाव करते हुए कहा की यहाँ आनेवाले मरीजों का बेहतर इलाज किया जाता है. 

समस्तीपुर से प्रवेश कुमार सोनू की रिपोर्ट

Find Us on Facebook

Trending News