आखिरकार शरद यादव ने थाम ली लालटेन, लोकतांत्रिक जनता दल का आरजेडी में होगा विलय

PATNA: बिहार के राजनीति में एक और नये अध्याय का आरंभ होने वाला है. कभी सीएम नीतीश के खास रहे शरद यादव ने अब स्पष्ट कर दिया है कि अब वो लालू यादव की लालटेन थामेंगे. मनोज झा ने आज एक तरफ महागठबंधन में होने वाले सीटों के बंटवारे के फार्मूलें को सब के सामने रखा वहीं लोकतांत्रिक जनता दल का आरजेडी में विलय होने की बात भी कही.

राजनीति में कब कौन किसका साथी बन जाए कहना मुश्किल है. राजनीति की पहली सीढ़ी कही जाने वाली छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले शरद यादव ने बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराने वाले शरद यादव कभी बिहार में सत्ताधारी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. सीएम नीतीश और शरद की जोड़ी को लोग राम- लक्ष्मण की जोड़ी कहते थे. जिस शरद यादव ने चुनाव दर चुनाव जिस लालू यादव की अपने भाषणों के जरिए बखिया उधेड़ दी थी आज उसी शरद ने तय किया है वो लालू की लालटेन थाम लेंगे.

सीएम नीतीश से विवाद के बाद शरद यादव ने जदयू छोड़ नई पार्टी का गठन किया. उस पार्टी का नाम लोकतांत्रिक जनता दल रखा. दरअसल शरद यादव ने पार्टी तो बना ली लेकिन तीन प्रदेश की राजनीति करने के बाद भी उनकी साख कहीं न कहीं कमजोर दिख रही थी ऐसे में लालू यादव ही उनके लिए एकमात्र सहारा थे जो उन्हें लोकसभा पहुंचा सकते थे. वहीं दूसरी तरफ लालू यादव भी शरद को इसी शर्त पर लोकसभा की सीट देना चाह रहे थे जब शरद यादव लालू के लालटेन को थाम लें. खैर लोकसभा में खुद की सीट के लिए शरद यादव ने लालू की शर्त मंजूर कर ली है.


Find Us on Facebook

Trending News