साहब...ये कैसा सुशासन ? सिर्फ हक मांगने पर हजार रू से वंचित करने का फरमान जारी कर दिया जाता है,आखिर सच्चाई से भागते क्यों हैं?

PATNA: साहब यह कैसा सुशासन है,हक मांगने पर हजार रू से वंचित करने का आदेश जारी कर दिया जाता है.मीडिया जब आपके अधिकारियों की करनी की हकीकत दिखाती है तो उस पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाता है।आखिर हर किसी का मुंह बंद करने के पीछे आपके अधिकारियों का मकसद क्या है? क्या जिम्मेदार अधिकारी आप तक हकीकत नहीं पहुंचने देना चाहते? क्वारंटीन सेंटर पर की अराजकता को दबाने के पीछे आखिर मकसद क्या है?

जुबान बंद रखने का आदेश

जहां अगर बेवश मजदूर क्वारंटीन सेंटर में क्षुधा की अग्नि शांत करने के लिए भोजन की मांग करता है तो आपके अधिकारी उस कृत्य को अनुशासनहीनता के दायरे में मानते हैं और उसे उपद्रवी करार देने पर तुले हैं।क्वारंटीन सेंटर की क्या स्थिति है वह किसी से छुपी नहीं है।अगर सेंटर पर बेहतर व्यवस्था नहीं होगी,लोगों को भोजन नहीं मिलेगा तो स्वाभाविक है कि विरोध होगा। प्रशासन को धमकी भरा आदेश जारी करने से पहले व्यवस्था में सुधार करनी चाहिए थी।

कांग्रेस अध्यक्ष का नीतीश सरकार पर बड़ा अटैक

बिहार सरकार ने सबसे पहले क्वारंटीन सेंटर की हकीकत को दबाने के लिए मीडिया को सेंटर पर जाने से प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया गया।इसके बाद भी क्वारंटीन सेंटर की बदहाल हकीकत की खबरें नहीं रूकी तो  नीतीश सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए धमकी भरा आदेश जारी कर दिया.आदेश में कहा गया है कि प्रवासी मजदूर अगर क्वॉरेंटाइन सेंटर में हंगामा करेंगे तो उन्हें ट्रेन का किराया और दूसरी सहायता राशि नहीं दी जाएगी. बिहार के विपक्षी दल के नेताओं ने इस तुगलकी फरमान का विरोध किया है।कांग्रेस अध्यक्ष मदनमोहन झा ने सीधे तौर पर सरकार के इस आदेश को तुगलकी करार दिया है।मदन मोहन झा ने कहा कि यह आदेश तो सीधे-सीधे आम नागरिकों के अधिकार का हनन है।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पहले मीडिया पर प्रतिबंध लगाया गया उसके बाद अब आम आदमी को भी अपना हक और अधिकार मांगने पर रोक लगा दी गई है।

क्या सरकार का पैसा किसी एक व्यक्ति का है 

उन्होंने सवाल पूछा कि क्या प्रवासी मजदूरों को पैसा दिया जाना है वह किसी एक व्यक्ति का है? नीतीश सरकार जवाब दे कि आखिर इस तरह का तुगलकी फरमान क्यों जारी किया गया।उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में खजाने पर पहला अधिकार पीड़ितों का होता है तो फिर इस तरह का आदेश क्यों जारी हो रहा?

प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने जारी किया फरमान
 बता दें कि आपदा प्रबंधन विभाग ने क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने वाले प्रवासी मजदूर के लिए फरमान जारी किया है. विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने फरमान जारी कर कहा है कि जो लोग भी सेंटर में अनुशासनहीनता और हंगामा करेंगे, उन्हें रेल टिकट के किराए और किसी भी तरह की सहायता राशि नहीं दी जाएगी.

भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था पर खड़े हुए हैं सवाल
प्रवासी मजदूरों के लिए बने क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने वाले लोगों ने खाने की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर काफी सवाल खड़े किए हैं.बिहार के अधिकांश जिलों में क्वारंटाइन सेंटर पर कुव्यवस्था की खबरें आ चुकी है. रोजाना कई तरह के वीडियो में लोग हंगामा करते हुए देखे जा रहे हैं. जिसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव का आदेश जारी हुआ है.कहा गया है कि सेंटर में रहने वाले प्रवासी मजदूर अपने घर जाने के लिए काफी हंगामा कर रहे हैं. इसके लिए स्थानीय प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए अनुशासनहीनता बरती जा रही है. जिसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने तय किया है कि जो भी व्यक्ति हंगामा या सड़क जाम करता हुआ मिलेगा, उसे रेल टिकट का किराया और अन्य सुविधा नहीं दी जाएगी


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