सिर्फ 15 दिन में टूट गया था बिहार के डिप्टी सीएम के क्षेत्र का यह पुल, तीन साल से है मरम्मत का इंतजार

सिर्फ 15 दिन में टूट गया था बिहार के डिप्टी सीएम के क्षेत्र का यह पुल, तीन साल से है मरम्मत का इंतजार

कटिहार। साल 2017 में बाढ़ के विनाश लीला से बिहार-बंगाल को जोड़ने वाले बलरामपुर विधान सभा का यह "डर्टीएन पूल" टूटने के बाद अब तक पुल नहीं बनने से जान जोखिम में डालकर आवागमन के लिए मजबूर हैं, बिहार-बंगाल को जोड़ने वाली इस अति महत्वपूर्ण स्थान पर डायवर्सन भी बनाने की कोशिश किया गया था।  मगर वह भी सफल नहीं हो पाया अब लोग वर्षों से यह पुल नहीं बनने से परेशान हैं। लोगों के माने तो कई बार सांसद और विधायक आश्वासन के बाद भी इस पर कुछ नही किया, अब लोगों की उम्मीद उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद से है और लोग चाहते हैं कि वह इस पुल के निर्माण के लिए कुछ पहल करें ताकि बिहार-बंगाल की दूरी तय करने में हर दिन लोगों को मुसीबत का सामना ना करना पड़े।

15 दिन में टूट गई थी पुल

यहां रहनेवाले लोग बताते हैं कि 2017 में जब इस पुल का निर्माण किया गया था तो उस समय लोगों में खुशी थी कि बंगाल और बिहार आने जाने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना होगा। लेकिन यह खुशी सिर्फ 15 दिन तक ही चल सकी और इलाके में आई बाढ़ के कारण पुल बीच से दो हिस्सों में टूट गया। अब पुल टूटने के कारण इस रास्ते से दो पहिया वाहनों के गुजरने में परेशानी होने लगी है। 

डिप्टी सीएम से बनी उम्मीद

बिहार - बंगाल की सीमा पर बसा यह गांव  राज्य के नए डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद का क्षेत्र माना जाता है। जिसके बाद यहां रहनेवाले लोगों को नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने कहा कि हमें उम्मीद है डिप्टी सीएम अपने गृह क्षेत्र की तीन साल पुरानी समस्या को दूर करेंगे।

 


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