चर्चित अंजना हत्याकांड मामले में एसआईटी का गठन, एसडीपीओ को जांच से हटाया गया

चर्चित अंजना हत्याकांड मामले में एसआईटी का गठन, एसडीपीओ को जांच से हटाया गया

GAYA : गया के पटवा टोली निवासी नाबालिग अंजना हत्याकांड मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। पटवा समाज के लोगों द्वारा एसडीपीओ वजीरगंज अभिजीत सिंह की प्रारंभिक जांच पर सवाल उठाए जाने और उन्हें जांच से हटाए जाने की मांग के बाद मगध रेंज के डीआईजी के निर्देश पर एसएसपी राजीव मिश्रा ने जांच के लिए एसआईटी गठित की। साथ ही वजीरगंज के एसडीपीओ अभिजीत सिंह को जांच से अलग रखा गया है। डीआईजी विनय कुमार ने सभी पक्षों की जांच कराने का आश्वासन दिया है। पटवा समाज के लोगों की शिकायतके बाद शनिवार को डीआईजी ने एसएसपी राजीव मिश्रा के साथ घटना स्थल का जायजा लिया।

डीआईजी विनय कुमार ने छोटी बच्ची अंजना के साथ हुई घटना को जघन्य बताया है। उन्होंने कहा कि घटना काफी गंभीर व बेहद शर्मनाक है। पुलिस अनुसंधान कर रही है। घटना के सभी बिंदुओं पर वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान होगा। पूरी घटनाक्रम की पूर्ण साक्ष्य के अनुसार खुलासा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जांच में निर्दोष लोग नहीं फंसे, अधिकारियों को इस बात के खास निर्देश दिये गये हैं। 

बता दें कि पटवा टोली की रहने वाली नाबालिग लड़की 28 दिसंबर को अपने घर से सामान लाने के लिए निकली थी। जिसके बाद नाबालिग गायब हो गई। देर रात घर नहीं लौटने पर थाने में सूचना दी गई। 6 जनवरी की शाम घर से कुछ दूर पर एक झाड़ी में नाबालिग का शव धड़ से अलग मिला। शव पर एसिड भी छिड़का हुआ था। पुलिस ने मामले में मृत के माता-पिता को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस का कहना है नाबालिग 31 दिसंबर को घर वापस लौटी थी। जिसके बाद अपने पिता के मित्र लीला पटवा के साथ कहीं चली गई और 6 जनवरी को उसका शव मिला।

इधर अंजना के नाना धनश्याम दास ने नातिन की हत्या के गुनाहगारों को सजा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगायी है। पत्र में सीएम से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। सीएम को लिखे पत्र में अंजना के 28 दिसंबर को लापता होने व छह जनवरी को क्षत-विक्षत शव बरामद होने सहित माता-पिता को ही हॉरर किलिंग का मामला बनाकर फंसा देने का जिक्र है। 

नाना ने आरोप लगाया है कि अंजना के साथ दुष्कर्म कर नृशंस हत्या की गई है। अब पुलिस पोस्टमॉर्टम की सत्यता से छेड़छाड़ कर दबंगों को बचाने का प्रयास कर रही है। पत्र की प्रतिलिपि डीजीपी, जोनल आईजी, डीआईजी व एसएसपी को भी भेजी गई है।

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