खर्च करने में आगे हिसाब देने में फिसड्डी ! भवन निर्माण के इंजीनियर करोड़ों रू का नहीं दे रहे उपयोगिता प्रमाण-पत्र...10 दिनों की मिली मोहलत

खर्च करने में आगे हिसाब देने में फिसड्डी ! भवन निर्माण के इंजीनियर करोड़ों रू का नहीं दे रहे उपयोगिता प्रमाण-पत्र...10 दिनों की मिली मोहलत

PATNA:  बिहार सरकार के अधिकारी सरकारी राशि को खर्च करने में काफी तेजी दिखाते हैं, पर उपयोगिता प्रमाण पत्र देने में पसीने छूटने लगते हैं. अधिकांश विभागों का यही हाल है। भवन निर्माण विभाग ने 2002-03 का उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा नहीं किया है। सरकार के बार-बार आदेश व महालेखाकार की आपत्ति के बाद भी कार्यपालक अभियंता एसी-डीसी बिल जमा नहीं कर रहे। अब भवन निर्माण विभाग ने सभी कार्यपालक अभियंता को चेतावनी देते हुए कहा है कि 10 दिनों में अगर उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा नहीं किया गया तो कार्रवाई होगी। 

वर्षा सिंह ने दी चेतावनी 

भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव वर्षा सिंह ने राज्य के कार्यपालक अभियंताओं को पत्र लिखा है. कहा है कि अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण विभाग से जुड़ी योजनाओं का एसी-डीसी विपत्र 10 दिनों में हर हाल में महालेखाकार कार्यालय या संग्रहण केंद्र में जमा करें. ऐसा नहीं करने पर कार्यवाही की चेतावनी दी गई है. सरकार के संयुक्त सचिव  ने अपने पत्र में लिखा है कि अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण विभाग से संबंधित लंबित एसी डीसी पत्रों के समायोजन को लेकर महालेखाकार एवं sc-st विभाग द्वारा बार-बार अनुरोध किया जा रहा है. साथ ही मुख्य सचिव के स्तर पर आयोजित बैठक में भी तेजी से निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं. 

मुख्य सचिव की नाराजगी के बाद भी कोई फर्क नहीं 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एसी डीसी विपत्र लंबित रहने पर गहरी नाराजगी जताई गई थी. एसी डीसी विपत्रों के समायोजन को लेकर सभी प्रमंडल को कई बार निर्देशित किया गया. लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई,यह अत्यंत खेद जनक है. ऐसे में 10 दिनों के अंदर उपयोगिता प्रमाण पत्र समायोजन को लेकर संग्रहण केंद्र, महालेखाकार कार्यालय में जल्द समर्पित करें. साथ ही इसकी जानकारी विभाग को दें.


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