तो इस कारण नीतीश कुमार 2025 तक तेजस्वी को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहते, जानिए क्या है पीछे की असली हकीकत

तो इस कारण नीतीश कुमार 2025 तक तेजस्वी को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहते, जानिए क्या है पीछे की असली हकीकत

PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुछ समय पहले यह घोषणा की थी कि 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। एक तरह से कहा जाए तो नीतीश कुमार ने यह साफ कर दिया था कि 2025 तक वह सीएम की कुर्सी पर बने रहेंगे। अब नीतीश कुमार के इस घोषणा को लेकर पीछे की असली हकीकत भी सामने आ गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने बताया है कि नीतीश पूरी तरह से निराश हो चुके हैं कि उनको कोई नेता मानने को तैयार नहीं है।   नीतीश कुमार जी भारतीय जनता पार्टी से इसलिए अलग हुए क्योंकि उनको प्रधानमंत्री बनना था,  लेकिन अब उनको 2 महीने में ही समझ में आ गया तब उनको विरोधी दल में भी कोई पूछने वाला नहीं है।  जिसके बाद उन्हें लगने लग गया कि अगर अभी तेजस्वी को सीएम बना दिया तो दिल्ली की कुर्सी भी चली जाएगी और बिहार की भी। यही कारण है कि उन्होंने खुद को 2025 तक  अपने भतीजे को पीठ पर स्वार होकर वह सत्ता में बने रहना चाहते हैं।

डा. संजय जायसवाल ने उक्त बातें केसीआर की रैली में नीतीश कुमार को नहीं बुलाए जाने को लेकर कही। उन्होंने कहा विपक्षी एकजुटता की बात करनेवाले नीतीश कुमार को ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। नीतीश कुमार यह जानते थे  कि  भाजपा में उसकी कोई वैकेंसी नहीं थी, पूरा देश का हर नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनना देखना चाहता है। इसलिए सिर्फ अपनी महात्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए वह भाजपा से अलग हुए।

समय के अनुसार बदल जाता है कपड़ों का रंग

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने अलमारी में दो रंग के कपड़े रखते हैं एक हरे रंग का और एक केसरिया रंग का  रखते है। समय के अनुसार  नीतीश कुमार कपड़ा बदलने का भी काम करते हैं आज के समय में भारत के राजनीति में नीतीश कुमार जी आप्रसंगिक हो गए हैं हम सभी तिरंगा के कपड़ा वाले लोग हैं हम लोग कपड़ा नहीं बदलते हैं। 2025 तक अपने भतीजे को पीठ पर सवार होकर वह सत्ता में बने रहे। वह जनता के साथ वादाखिलाफी कर रहे हैं हिंदुस्तान की राजनीति में चाचा भतीजा की  प्रासंगिकता खत्म हो गई है।

विशेष राज्य के दर्जे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के माँग पर  दिया बयान

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने कहा  एनके सिंह जेडीयू के सांसद रहे हैं और 14 फाइनेंस कमीशन में उन्होंने इस कार्य को नहीं नहीं किया यह सभी जानते हैं फाइनेंस कमीशन से  ही विसेष दर्जा की माँग तय होते हैं किसको विशेष राज्य का दर्जा देना है या नहीं। बेतिया सांसद ने कहा कि 15वें फाइनेंस कमिशन के चेयरमैन एनके सिंह ही थे। उन्होंने माँग को ख़त्म कर दिया था। मुख्यमंत्री समय-समय पर इस तरह का सगुफा छोड़ते हैं हमारे बगल के पड़ोसी राज्य लगातार विकास की बात करती है लेकिन  नीतीश जी जनता से किए हुए वादे भूलना चाहते हैं। 

कहां है रोजगार

बेतिया सांसद ने कहा कि दो लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी पिछले छह  महीने में ही देने की बात हुई थी। लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिल पा रही है। आंगनबाड़ी सेविका हो या रसोईया किसी को भी स्थायी नहीं की गई है। मुख्यमंत्री  जी लगातार सुरेंद्र यादव और मंत्री चंद्रशेखर यादव से लगातार अनर्गल बयानबाजी करवाते हैं ताकि जनता उनसे कोई सवाल न करें। विकास पर चर्चा न करें। युवा रोजगार पर बात ना करें इसीलिए विशेष राज्य दर्जा की बात करते रहते हैं।

लोगों को झांसा देते हैं सीएम

जदयू के पोस्टरों से उपेंद्र कुशवाहा की तस्वीर हटाए जाने को लेकर संजय जायसवाल ने कहा कि जेडीयू के नेताओं में नूरा कुश्ती मची हुई है। जहां तक उपेंद्र कुशवाहा की बात है तो  नीतीश कुमार की एक खासियत है कि जब किसी को अपने झांसे में लेना होता है तो वह उन्हें यह ही कहते हैं कि उनका बाद वही हैं। नीतीश कुमार के इस वादे पर भरोसा कर लोग उनके साथ चले जाते हैं। लेकिन उन्हें मिलता कुछ नहीं है।

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