सोशल मीडिया पर आपत्तीजनक पोस्ट पर अब पांच साल की जेल, नहीं कर सकते विवादित पोस्ट

सोशल मीडिया पर आपत्तीजनक पोस्ट पर अब पांच साल की जेल, नहीं कर सकते विवादित पोस्ट

patna. देश में सोशल मीडिया न्यूज़ पोर्टल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सरकार ने लगाम लगा दी है। अब सभी को नियमों का अनुशासन मानना होगा क्योंकि केंद्र सरकार ने इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी है इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को किसी आपत्तिजनक पोस्ट की शिकायत मिलने पर उसे 24 घंटे में हटाना होगा भारत की एकता अखंडता सामाजिक व्यवस्था दुष्कर्म जैसे मामले में की गई आपत्तिजनक पोस्ट या मैसेज को सबसे पहले पोस्ट करने वाले की पहचान नहीं होगी कम से कम 5 साल की सजा होगी डिजिटल मीडिया यह नियम लागू होंगे गुरुवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और जानकारी दी।

इस नए नियम से सोशल मीडिया पर आठ तरह से सख्ती बरती जा रही है जिनमें सबसे पहले सोशल मीडिया कंपनियों का आपत्तिजनक पोस्ट के फर्स्ट ओरिजन को ट्रेस करना होगा यानी सोशल मीडिया पर खुराफात सबसे पहले किसने शुरू की। अगर भारत के बाहर से इसका ओरिजिनल भारत में से किसने सबसे पहले सर्कुलेट किया यह बताना होगा

 दूसरा देश की संप्रभुता सुरक्षा पब्लिक और फॉरेन रिलेशंस और रेप जैसे मामलों में फर्स्ट ऑडिशन की जानकारी देनी होगी जिन आरोपों को साबित होने पर 5 साल से ज्यादा की सजा हो सकती है।ऐसे मामलों रीजन बताना होगा कांटेक्ट बताने की जरूरत नहीं होगी।

तीसरा कानून और नियमों पर अमल सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को चीफ कंप्लेंट ऑफिसर नियुक्त करना होगा यह ऑफिस से भारत में रहने वाला व्यक्ति होना चाहिए। चौथा  एक नोडल कॉन्टैक्ट पर्सन यूज करना होगा जिससे सरकारी एजेंसियां 24 * 7 कभी भी संपर्क कर सकती हैं भारत में ही रहने वाला व्यक्ति होना चाहिए। 

पांचवां सोशल मीडिया सोशल मीडिया कंपनी को हर महीने कंप्लायंस रिपोर्ट जारी करने की कितनी शिकायतें हैं कि उस पर क्या कदम उठाए गए। छठा  ऐसी कंपनियों को अपनी वेबसाइट और मोबाइल एप्पल भारत में मौजूद उनका एक कांटेक्ट एड्रेस भी बताना होगा। सातवां सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर्स वेरीफाइड हो इसके लिए वारंटी वेरिफिकेशन मैकेनिज्म बनाना होगा। आठवां अगर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किसी यूज़र की कांटेक्ट को रिमूव करता है तो यूजर को सूचना और कारण बताने होंगे।

ओटीटी के लिए बने नए नियम

ओटीटी के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं। जिनमें ओटीटी प्लेटफॉर्म की एक बॉडी रिटायर जज की अगुवाई में बनाई जाएगी। यह बॉडी शिकायतों की सुनवाई करेगी। वही ओटीटी और डीजिटल मीडिया को डिटेल्स डिस्क्लोजर पब्लिश करने होंगे कि इंफॉर्मेशन कहां से पाते हैं। शिकायतें रिपोर्ट करने के लिए सिस्टम बनाएं और अधिकारी की नियुक्ति करें तथा टाइम फ्रेम में शिकायतों का निपटारा करें। अपने कंटेंट का पांच कैटेगरी में वेरीफाई करना होगा जिनमें यू(यूनिवर्सल), यू/ए+,  यू/ए13+, यू/ए16+ और ए यानि एडल्ट होंगी। एडल्ट कंटेट देखने लायक उम्र है या नहीं, इसका भी वरिफिकेशन मैकेनिज्म बनाना होगा।

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