गया में समाजसेवी ने आतंकवादियों और उग्रवादियों के लिए किया पिंडदान, जानिये वजह

गया में समाजसेवी ने आतंकवादियों और उग्रवादियों के लिए किया पिंडदान, जानिये वजह

GAYA : कहा जाता है की आतंकवाद और उग्रवाद का कोई जाति, धर्म और मजहब नहीं होता है. वह किसी को भी अपना शिकार बना सकता है. दुनिया का कोई भी सभ्य समाज इनका समर्थन और इनका पक्ष नहीं लेता है और न ही इनके लिए कोई किसी तरह का सहानुभूति रखता है. लेकिन गया के एक समाजसेवी ने इनके प्रति अपनी संवेदना जाहिर की है. 

उन्होंने हिंदुस्तान के हर हिस्से में आतंकवादी और उग्रवादी गतिविधि में मारे गए आतंकवादी और उग्रवादी की आत्मा की शांति के लिए गयाजी में पिंडदान किया गया. उन्होंने कहा की उग्रवादी और आतंकवादी का पुनर्जन्म हो तो उसकी आत्मा धारण अच्छा शरीर धारण करें. अगले जन्म में वे हिंदुस्तान की समृद्धि, विकास, एकता और अखंडता के लिए काम करें. इसी कामना को लेकर देश में हुई आतंकवादी और उग्रवादी वारदातों में मारे गए उग्रवादी और आतंकवादियों की आत्मशांति के लिए पिंडदान किया गया. 

वही पिंडदान करते समाजसेवी बिमलेन्दु चैतन्य ने कहा कि गया जी मोक्ष की भूमि है और आतंकवाद  और उग्रवाद में मारे गए लोगो की आत्मा के शान्ति के लिए यह सोचकर आज हमने पिंडदान किया है की जो मारे गए है उन्हें एक बार फिर मौका मिले. उनका जन्म मनुष्य में हो और उन्हें प्राश्चित करने का मौका मिले. जिन्होंने देश को  तोड़ने लिए देश को बरबाद करने के लिए लोगो की हत्याएं की वो एक बार प्राश्चित कर सके. 

गया से मनोज कुमार की रिपोर्ट 


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