नोटिस के बाद 'स्पीकर' विजय सिन्हा छोड़ेंगे कुर्सी? विधानसभा की नियमावली क्या कहती है? जानें...

नोटिस के बाद 'स्पीकर' विजय सिन्हा छोड़ेंगे कुर्सी? विधानसभा की नियमावली क्या कहती है? जानें...

PATNA: बिहार में जेडीयू और बीजेपी का रिश्ता खत्म हो गया। नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से हाथ मिला लिया। बिहार में अब महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। नीतीश कुमार आठवीं दफे मुख्यमंत्री की शपथ लेने जा रहे हैं। वहीं तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम की कुर्सी संभालने वाले हैं। महागठबंधन के पक्ष में 164 विधायक हैं। इधर, महागठबंधन के विधायकों ने बीजेपी कोटे से स्पीकर विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। नोटिस के बाद क्या अध्यक्ष कुर्सी छोड़ देंगे या फिर अविश्वास प्रस्ताव का सामना करेंगे। बिहार विधानसभा की नियमावली क्या कहती है? 

नीतीश-तेजस्वी फिर आये साथ

राजद-कांग्रेस और भाकपा माले के विधायक आज विधानसभा पहुंचे। महागठबंधन विधायकों ने विस सचिव को स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि 164 विधायक स्पीकर विजय सिन्हा के खिलाफ में हैं। ऐसे में वे अल्पमत में आये हैं। ऐसे में उन्हें हटाया जाना चाहिए। भाकपा माले विधायकों ने तो यहां तक कह दिया कि स्पीकर को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा कर देना चाहिए। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को हटाने की क्या प्रक्रिया है,इसके बारे में हम विस्तार से बता रहे हैं।

विधानसभा की नियमावली क्या कहती है? 

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के बाद विस अध्यक्ष विजय सिन्हा कुर्सी छोड़ देंगे? क्या अब वे खुद इस्तीफा करेंगे...इसको लेकर कयास लगाये जा रहे हैं। बिहार विधानसभा की नियमावली के खंड 110 में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को हटाने के बारे में व्याख्या की गई है। विधानसभा की नियमावली में कहा गया है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को हटाने की सूचना संविधान के अनुच्छेद 179 के तहत 14 दिन पहले सदस्यों के द्वारा दी जाती है। सदस्यों के द्वारा दी गई सूचना को 'आसन' की तरफ से सदन में पढ़कर सुनाया जाता है। आसन की तरफ से सदस्यों से कहा जाता है कि जो इस संकल्प को सदन में प्रस्तावित करने की अनुमति देने के पक्ष में हों वे खड़े हो जाएं. अगर 38 सदस्य खड़े हुए तो संकल्प प्रस्तावित करने की अनुमति दी जाएगी. यदि 38 से कम सदस्य खड़े हुए संकल्प प्रस्तावित नहीं हुआ। यानी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को हटाने का नोटिस अस्वीकार कर दिया गया। विधानसभा की नियमावली 110 में यह भी उल्लेख है कि अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को हटाने को लेकर सदन में लाये गए संकल्प पर विचार हो रहा हो तब अध्यक्ष व उपाध्यक्ष सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे.


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