सूबे में प्रभावी हुआ विशेष सशस्त्र पुलिस एक्ट, इसी के विरोध में विधानसभा में हुआ था जूतमपैजार, कई विधायकों की हुई थी पिटाई

सूबे में प्रभावी हुआ विशेष सशस्त्र पुलिस एक्ट, इसी के विरोध में विधानसभा में हुआ था जूतमपैजार, कई विधायकों की हुई थी पिटाई

PATNA : बिहार की राजनीति में इस साल 23 मार्च का दिन सबसे काला दिवस के रूप में याद किया जाता है। इस दिन विधानसभा के हॉल के अंदर पहली बार पुलिस घुसी थी, जबरदस्ती विपक्षी विधायकों को घसीटकर बाहर निकाला गया था, कुछ विधायक चोटिल भी हुए थे। यह सब हुआ था बिहार सरकार द्वारा लाए एक कानून के विरोध में। वह एक्ट था (Bihar Special Armed Police) बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस एक्ट । विरोध के बाद भी इस एक्ट को बिहार के दोनों सदन से पारित कर दिया गया था। अब लगभग छह माह के बाद यह कानून बिहार में प्रभावी हो गया है। 

महाबोधि मंदिर और दरभंगा एयरपोर्ट की संभाली कमान

इस (Bihar Special Armed Police) बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस एक्ट के तहत महोबोधि मंदिर और दरभंगा एयरपोर्ट पर कानून का पालन शुरू कर दिया गया है। बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर (Mahabodhi Temple Gaya) और दरभंगा हवाई अड्डे (Darbhanga Airport) की सुरक्षा में तैनात बीएसएपी अब किसी भी संदिग्ध की तलाशी ले सकती है. उसके संदिग्ध सामानों की जब्ती कर सकती है या फिर उसे गिरफ्तार कर सकती है. इन प्रतिष्ठानों के अंदर विशेष सशस्त्र पुलिस के हवलदार रैंक के पुलिसकर्मी और उससे ऊपर के अधिकारियों को अधिनियम की धारा 7, 8 और 9 के तहत दी गई शक्तियों के अंतर्गत तलाशी जबकि गिरफ्तारी का अधिकार होगा

एक्ट में पुलिस को मिले हैं कई अधिकार

सरकार ने इस इस साल सशस्‍त्र पुलिस बल विधेयक को लागू किया है. यह विधेयक बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) को स्वतंत्र अस्तित्व देने के लिए है. विधेयक पारित होने के बाद सैन्य पुलिस का नाम बदल कर विशेष सशस्त्र पुलिस हो गया है. किसी अन्य राज्य की पुलिस के साथ मिलिट्री नहीं जुड़ा हुआ है अत: नाम में एकरूपता के लिए भी यह विधेयक लाया गया है। इसमें विशेष सशस्त्र पुलिस बल के सक्षम अधिकारी को किसी घटना के बाद आशंका के आधार पर संदेहास्पद व्यक्ति की तलाशी और गिरफ्तारी कर सकने का अधिकार है. ऐसा करने के बाद वह गिरफ्तार व्यक्ति को अगली कानूनी कार्रवाई के लिए निकट के थाना को सौंप देगा. प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात अधिकारी को बिना वारंट और बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के किसी संदिग्ध को गिरफ्तार करने का अधिकार है.

सीआईएसफ की तरह काम करेगी बिहार पुलिस

कानून के लागू होने के बाद बिहार पुलिस केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तरह महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकेगा। इस एक्ट औद्योगिक ईकाइयां, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान, हवाई अड्डा, मेट्रो, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के केंद्रों की सुरक्षा की जिम्मेवारी भी दी गई है। 

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