बिहार में हेलमेट-सीटबेल्ट के साथ व्यावसायिक वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस की हुई जांच, 359 वाहन चालकों पर हुई कार्रवाई

बिहार में हेलमेट-सीटबेल्ट के साथ व्यावसायिक वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस की हुई जांच, 359 वाहन चालकों पर हुई कार्रवाई

PATNA : हेलमेट-सीटबेल्ट, इन्श्योरेंस एवं व्यवसायिक वाहनों में लगे स्पीड लिमिट डिवाइस (एस.एल.डी) की जांच के लिए शनिवार को सभी जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 879 वाहनों की जांच में विभिन्न धाराओं के तहत 359 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया एवं 47 वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। जुर्माना के तौर पर लगभग 7.23 लाख रुपये की वसूली की गई।

स्पीड लिमिट डिवाइस जांच के दौरान पाया गया कि कई वाहनों में स्पीड गवर्नर लगे होने के वाबजूद कार्यरत नहीं था। जबकि कई वाहनों में स्पीड गवर्नर नहीं लगे थे। ऐसे वाहन चालकों से जुर्माना लिया गया एवं सख्त निर्देश दिया गया कि अविलंब स्पीड गवर्नर लगाएं एवं वह कार्यरत रहे यह सुनिश्चित करें।

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि व्यवसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर होना अनिवार्य है। वाहनों में स्पीड लिमिट डिवाइस लगे होने से गति को नियंत्रित रखा जा सकता है एवं सड़क दुर्घटना की संभावना भी कम जाती है। अपने वाहनों का इंश्योरेंस अवश्य कराएं। बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के वाहन चलाते पकड़े जाने पर 2000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि यह अभियान जिलों में आगे भी जारी रहेगा। जिलों में यह अभियान डीटीओ, एमवीआई और ईएसआई द्वारा चलाया गया। परिवहन सचिव ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि - इतनी तेज गाड़ी क्यों चलाएं की ज़िंदगी पीछे और मौत आगे निकल जाये! सड़क सुरक्षा नियमों को अपनाकर अपने और दूसरे की जिंदगी बचा सकते हैं। वाहन चलाते समय हेलमेट-सीटबेल्ट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं लगाएं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए लगाएं, क्योंकि आपकी जिंदगी आपके परिवार की अमानत है।


Find Us on Facebook

Trending News