SPORTS NEWS: विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहली बार पहुंची महिला पहलवान, बेहतरीन प्रदर्शन से रचा इतिहास

SPORTS NEWS: विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहली बार पहुंची महिला पहलवान, बेहतरीन प्रदर्शन से रचा इतिहास

N4N DESK: हरियाणा को ऐसे ही स्पोर्टल कैपिटल नहीं कहा जाता है। खिलाड़ियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देकर देश के लिए मेडल लाने की प्रेरणा उन्हें लगातार मिलती है। इसी कड़ी में एक औऱ धाकड़ छोरी ने राज्य और देश का नाम ऊंचा किया है। इनका नाम है अंशु मलिक और उम्र है महज 19 साल। मगर इतनी-सी उम्र में भी उन्होनें इतिहास रच दिया है।

57 किलोग्राम के फाइनल में बनाई जगह

अंशु मलिक ने विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। वह इस चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं। उन्होंने जूनियर यूरोपीय चैंपियन सोलोमिया विंक को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। वहीं, विश्व चैंपियन को हराकर उलटफेर करने वाली सरिता मोर सेमीफाइनल में हार गईं और अब कांस्य के लिए खेलेंगी। 19 वर्ष की अंशु ने शुरू से ही सेमीफाइनल में दबदबा बनाए रखा और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज करके 57 किग्रा के फाइनल में पहुंच गईं।

गीता-बबीता से एक कदम आगे बढ़ी अंशु

इससे पहले भारत की चार महिला पहलवानों ने विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता है लेकिन सभी को कांस्य मिला है। इनमें गीता फोगाट ने 2012, बबीता फोगाट ने 2012, पूजा ढांडा ने 2018 और विनेश फोगाट ने 2019 में कांसे का तमगा जीता था। अंशु विश्व चैम्पियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय है। उनसे पहले सुशील कुमार ने साल 2010 और बजरंग पूनिया साल 2018 में यह कमाल कर चुके हैं। इनमें से सुशील ही स्वर्ण जीत सके हैं।

कौन हैं पहलवान अंशु मलिक ?

अंशु मलिक का परिवार शुरू से ही रेसलिंग में रहा है। हरियाणा के जींद जिले में अंशु मलिक ने छोटी उम्र में ही पहलवानी करना शुरू कर दिया था। 12 साल की उम्र में, मलिक ने अपने भाई शुभम के साथ कुश्ती शुरू की और पिता धर्मवीर मलिक ने उन्हें प्रशिक्षण दिया। मलिक ने सिर्फ चार साल के प्रशिक्षण के बाद अंतरराष्ट्रीय खेलों में डेव्यू किया और 2016 में एशियाई कैडेट चैम्पियनशिप में सिल्वर जीतकर कुश्ती में अपना नाम तुरंत स्थापित कर लिया। इसके बाद विश्व कैडेट चैंपियनशिप में ब्रॉज मैडल जीता।

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