आत्मनिर्भर बिहार की ओर बढ़ता कदम... ढाई साल पहले स्थापित कंपनी को जीविका दीदियों ने पहुंचाया करोड़ों के पार,... जानिए कैसे

आत्मनिर्भर बिहार की ओर बढ़ता कदम... ढाई साल पहले स्थापित कंपनी को जीविका दीदियों ने पहुंचाया करोड़ों के पार,... जानिए कैसे

डेस्क...  बिहार में जीविका दीदियों की मेहनत रंग ला रही है। आपसी तालमेल और कठिन परिश्रम की बदौलत दीदियों ने महज ढाई साल में सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कारोबार को एक करोड़ 30 लाख के पार पहुंचा दिया है। कंपनी की 13 जून 2018 को जब स्थापना हुई थी तो 15 लाख 70 हजार रुपए से कारोबार की शुरुआत हुई थी। कंपनी से जुड़ी 140 दीदियों ने पांच-पांच सौ रुपए लगाकर कारोबार करना शुरू किया था। जीविका ने 15 लाख रुपए का आर्थिक सहयोग देकर उनके हौसले को पंख देने का काम किया था। 

खुद के पैर पर खड़ा होने की हौसला पाले दीदियों के मेहनत की बदौलत अभी सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का कारोबार एक करोड़ 32 लाख पर पहुंच गया है। जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अमित कुमार ने कहा कि सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड गरीब और अनपढ़ जीविका दीदियों को रोजगारी बनाने में सक्षम साबित हो रही है। इससे जुड़कर दीदियां खुद और परिवार का भरण पोषण अच्छे तरीके से करने लगी है। साल दर साल जीविका दीदियां इस कंपनी से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रही है।

 सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सीईओ उदयशंकर झा ने कहा कि जीविका दीदियों के आर्थिक संबल में यह कंपनी काफी सहायक साबित हो रही है। 13 जून 2018 में कंपनी के गठन समय 140 दीदियां जुड़ी थी। अभी 1800 जीविका दीदियां प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़कर कारोबार कर रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में कंपनी का कारोबार 19 लाख 52 हजार का रहा। वर्ष 2019-20 में कारोबार बढ़ते हुए 52 लाख पर पहुंच गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में अभी तक एक करोड़ 32 लाख रुपए का हो गया है। 

प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी जीविका दीदियां मुख्य रूप से मक्का खरीद और बिक्री का काम करती है। इसके अलावा मक्का व धान बीज बिक्री और किचन गार्डन सीट से जुड़ा व्यापार भी दीदियां करती है। कंपनी के सीईओ ने कहा कि जीविका दीदियों ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में 190 मीट्रिक टन मक्का की खरीद और बिक्री की। वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 604 मीट्रिक टन मक्का की खरीद और बिक्री करने का काम किया है।

सबसे अधिक तीन प्रखंड क्षेत्र सौरबाजार, सोनवर्षाराज और पतरघट प्रखंड की जीविका दीदियां सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़ी हुई है। हालांकि अन्य प्रखंड क्षेत्रों की भी कई दीदियां कंपनी से जुड़कर काम कर रही है। 

सीईओ ने कहा कि सहरसा वुमन जीविका प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को दो साल के अंदर कारोबार के मामले में टॉप पर ले जाने का प्लान है। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से कारोबार को आगे बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में वायर कंपनी के साथ मिलकर सहरसा जिले के तीन हजार किसानों को मुफ्त में धान की बीज और कीटनाशक दवाई उपलब्ध कराने का काम किया है। 

सहरसा सहित दस जिलों में जीविका की प्रोड्यूसर कंपनियां है। सहरसा के अलावा पूर्णिया, खगड़िया, बेगूसराय, समस्तीपुर, नालंदा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, भोजपुर और पूर्वी चंपारण में जीविका की प्रोड्यूसर कंपनी अभी कार्यरत है। 


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