छात्राओं ने शिक्षिका पर लगाया भेदभाव का आरोप, आयुक्त ने दिए जांच के आदेश

छात्राओं ने शिक्षिका पर लगाया भेदभाव का आरोप, आयुक्त ने दिए जांच के आदेश

GAYA : शहर के महादलित टोले के बच्चों ने स्कूल की टीचर पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है. बच्चों ने आरोप लगाया है कि टीचर उन्हें क्लासरुम के बाहर बिठा देती हैं. बच्चों के आरोप के बाद आयुक्त ने इस मामले के जांच के आदेश दिए हैं.

महादलित टोले में रहने वाले बच्चों का आरोप बेहद गंभीर है. एक तरफ राज्य सरकार पिछड़ों के उत्थान के लिए इतने सारे उपाय कर रही है. पिछड़े वर्ग के बच्चों के शिक्षा के लिए तमाम कोशिशें कर रही है. लेकिन दूसरी तरफ स्कूल के शिक्षक ही उन्हें शिक्षा देने को तैयार नहीं हैं. शहर के पुलिस लाइन स्थित महादलित टोले के दर्जनों बच्चों के माता-पिता ने स्कूल के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाया है. इनका कहना है कि स्कूल की महिला प्रभारी शिक्षिका उनके साथ भेदभाव करती हैं. उनका आरोप है कि कभी उन्हें स्कूल से वापस लौटा दिया जाता है तो कभी क्लासरुम से बाहर बैठा दिया जाता है. 

बता दें कि इस बस्ती के बच्चों को पढ़ाने के लिए कुछ महीने पहले एक अस्थायी स्कूल भी खोला गया था. जहां शिक्षक आते थे और बच्चों को शिक्षा मिलती थी. लेकिन वो स्कूल भी पिछले कई दिनों से बंद है. राजकीय हिंदी मध्य विद्यालय के प्रधानाचार्य शालिनी ने इस संबंध में बताया कि जो मेरे ऊपर आरोप लगाया गया है वह गलत है. मैं इस तरह की बात नहीं बोलती हूँ. हम छुआ-छूत का भेदभाव नहीं करते हैं. जब बच्चा गंदा कपड़ा पहनकर स्कूल आने पर बच्चा को घर जाकर साफ-सुथरा कपड़ा पहनकर आने का सलाह देते हैं. छुआ-छूत का जो आरोप लगाया गया है वह बिल्कुल ही गलत आरोप है.

इस मामले पर मगध प्रमंडल आयुक्त पंकज कुमार पाल ने बताया कि पुलिस लाईन से सटे राजकीय हिंदी मध्य विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्र से जो जानकारी मिला है, वह बहुत ही गंभीर मामला है. जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर पर जांच दल का गठन किया गया है और उनको दो दिनों के अंदर जांच पड़ताल करके प्रतिवेदन देने का आदेश दिया गया है. वहीं पर सटे हुए आगनवाड़ी केन्द्र से भी जो जानकारी प्राप्त मिली हैं उसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी सदर को निर्देश दिया गया है कि आप स्वयं जाकर आंगनवाड़ी केंद्र और स्कूल का जांच करें.

गया से मनोज की रिपोर्ट 




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