लोदीपुर-चांदमारी सड़क बचाओ आंदोलन के बैनर तले छात्रों और ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, पुलिस के साथ हुई तीखी नोंक झोंक

लोदीपुर-चांदमारी सड़क बचाओ आंदोलन के बैनर तले छात्रों और ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, पुलिस के साथ हुई तीखी नोंक झोंक

PATNA : ऑल इण्डिया स्टूडेन्ट्स फेडरेशन (AISF) एवं लोदीपुर-चांदमारी सड़क बचाओ आंदोलन के बैनर तले आज डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन को पहुंचें आंदोलनकारियों के साथ पुलिस की नोंक झोंक हो गयी। पुलिस के बल प्रयोग एवं भारी बारिश के बावजूद एआईएसएफ कार्यकर्ता एवं ग्रामीण छज्जुबाग स्थित डीएम कार्यालय पर डटे रहे। लोदीपुर-चांदमारी समेत दानापुर में सेना द्वारा अकारण एवं जबरन बंद सभी सड़कों को खोलने,वैकल्पिक मार्गों के निर्माण तक कम से कम ग्रामीणों को भी डीपीएस की बसों की तरह जाने देने एवं विगत दिनों आंदोलनकारियों पर दर्ज फर्जी मुकदमे की वापसी को लेकर प्रदर्शनकारी आज डीएम कार्यालय पहुंचे थे। 16 माह से आन्दोलनरत लोगों के साथ सरकार एवं प्रशासन की संवादहीनता से लोग आक्रोशित थे। आंदोलनकारी लगभग साढ़े 12 बजे डीएम कार्यालय पहुँचे। इसी बीच रेडियो स्टेशन के समीप पुलिसकर्मियों ने आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश की। आंदोलनकारी समाहरणालय गेट तक जाकर रुक गए। 

मौके पर जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय दंडाधिकारी एम. एस. खान, कोतवाली थानाध्यक्ष सुनील कुमार, गाँधी मैदान थानाध्यक्ष रंजीत वत्स के नेतृत्व में रैफ एवं पुलिस बल के भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों एवं ग्रामीणों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया और पुलिस से कई बार तीखी झड़प होती रही। बाद में  जिला नियंत्रण कक्ष के वरीय दंडाधिकारी एम.एस. खान के साथ तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल एडीएम विधि व्यवस्था कृष्ण कन्हैया प्रसाद से मिला। तब प्रदर्शनकारी समाहरणालय गेट से हटे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार, लोदीपुर-चांदमारी सड़क बचाओ आंदोलन के अध्यक्ष अशोक कुमार एवं सचिव संतोषी देवी ने एडीएम से कहा कि एन. एच. 30 से मात्र 300 मीटर की दूरी को सैकड़ों वर्ष पुरानी लोदीपुर-चांदमारी मार्ग बंद होने से 6 से 8 किलोमीटर अधिक दूरी तय करना पड़ता है। उसी रास्ते से दिल्ली पब्लिक स्कूलों की 60-65 बसें दिन में चार बार निर्बाध तरीके से आती-जाती हैं। जबकि पैदल ग्रामीणों के भी जाने पर रोक है। सुरक्षा कारणों का बहाना बनाकर बंद किया गया रास्ता ग्रामीणों के पैदल चलने से सुरक्षा भंग होता है लेकिन डीपीएस की बसों से नहीं। प्रतिनिधिमंडल ने विगत दिनों दानापुर एसडीओ के निर्देश पर शाहपुर थाने में दानापुर सीओ के निर्देश पर दर्ज मुकदमे समेत आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमे की वापसी की माँग की। वहीं राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित चार मार्गों के निर्माण तीव्र गति से कराने एवं उक्त मार्गों के निर्माण में सेना से एनओसी और आवश्यक भू-अर्जन की माँग की। एडीएम विधि व्यवस्था ने शीघ्र डीएम से मिलवाने, केस वापसी समेत मामले के निष्पादन के लिए अपने स्तर से पहल की बात कही। 

लोदीपुर-चांदमारी सड़क बचाओ आंदोलन के महासचिव उमेश कुमार उर्फ पप्पू ने कहा कि पुलिस दमन से आंदोलन रुकने वाला नहीं, पुलिस दमन के विरोध में कल बुधवार को दानापुर के प्रभावित सभी गाँवों में काला दिवस मनाया जाएगा। एआईएसएफ राज्य सह सचिव जन्मेजय कुमार ने कहा कि शीघ्र ठोस पहल या उस दिशा में उच्चस्तरीय वार्ता नहीं होने पर छात्र और ग्रामीण उग्र आंदोलन को विवश होंगे।

 मौके पर एआईएसएफ के राज्य सचिव रंजीत पंडित, राज्य उपाध्यक्ष भाग्य भारती, लोदीपुर-चांदमारी सड़क बचाओ आंदोलन की उपाध्यक्ष अनिता देवी, श्री राम ओझा,सुशीला देवी,सचिव सोनू कुमार, प्रदीप कुमार, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार, एआईएसएफ राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुभाष पासवान, राज्य परिषद सदस्य मनीष कुमार, संदीप कुमार, अविनाश कुमार,जयप्रकाश राय,पप्पू कुमार,योगेन्द्र राय,सरस्वती देवी, ज्ञानती देवी समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

पटना से अनिल की रिपोर्ट 

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