AES से फूटा ABVP के छात्रों गुस्सा, नरकटियागंज में फूंका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला

AES से फूटा ABVP के छात्रों गुस्सा, नरकटियागंज में फूंका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला

BETIA : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की नरकटियागंज इकाई ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया. कार्यक्रम का नेतृत्व परिषद् के सोशल मिडिया प्रभारी राहुल कुमार ने किया. इस मौके पर परिषद् ने मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES ) से हो रहे मासूम बच्चों की मौत को लेकर अस्पताल की लचर व्यवस्था को दोषी माना. अस्पताल में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए नीतीश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी. 

राहुल कुमार ने बताया कि एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) के कारण बच्चों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. इससे अबतक 140 बच्चों की मौत हो चुकी है. अभी भी कई बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. नगर सह मंत्री अभिनव राज ने कहा कि मुजफ्फरपुर अस्पताल में दवा, ड़ाँक्टर, आईसीयू, सफाई और एंबुलेंस की कमी के कारण इतनी मासूमों की जान गई है. इसके लिए सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिम्मेवार हैं. शुरू में इस बीमारी को गंभीरता से लिया गया होता तो इतने बच्चों की मौत नहीं होती.

 यही कारण है सत्रह दिन के बाद जब मुख्यमंत्री मुजफ्फरपुर आज तो उनका विरोध करते हुए वापस जाओ और मुर्दाबाद के नारे लगे. नगर सह मंत्री विवेक कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार कहे जाने वाले एईएस से लगातार हो रही मौत से व्यवस्था चरमरा गई है. इस समय मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में इस घातक बीमारी के सबसे ज्यादा मरीज भर्ती हैं. यहां 300 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है. मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में पांव तक रखने की जगह नहीं मिल रही है. 

अस्पताल में हर जगह अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है. एक ही बेड पर तीन से चार बच्चों का इलाज चल रहा है. परिजनों के लिए जगह नहीं है तो वे जमीन पर लेटे हुए हैं. इसके बावजूद 100 से ज्यादा मरीजों के लिए सिर्फ तीन डॉक्टर उपलब्ध हैं. गोलू कुमार ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, जरूरी दवाओं की अनुपलब्धता, बेड और नर्सिंग स्टाफ की कमी से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. एसकेएमसीएच सहित राज्य सरकार की ओर से संचालित अस्पताल इस परेशानी से जूझ रहे हैं. सिद्विराज सिंह ने बताया कि एसकेएमसीएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. एस के शाही का कहना है कि एईएस के मरीजों के इलाज के लिए विभाग को अब तक कोई अतिरिक्त फंड नहीं मुहैया कराया गया है. शाही कहते हैं कि 'मरीजों की बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।' 

बेतिया से आशीष कुमार गुप्ता की रिपोर्ट 

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