महादेव के प्रति ऐसी भक्ति कि पैरों से दिव्यांग होने के बाद भी हाथों से चलकर तय करने निकल पड़ा 105 किमी की लंबी यात्रा

महादेव के प्रति ऐसी भक्ति कि पैरों से दिव्यांग होने के बाद भी हाथों से चलकर तय करने निकल पड़ा 105 किमी की लंबी यात्रा

BHAGALPUR  : सावन महीने में लाखों श्रद्धालु सुलतानगंज से गंगा जल लेकर देवघर बैधनाथ धाम जा रहे हैं। इनमें से कई अपनी यात्रा को खास बनाने के लिए अलग तरीका आजमा रहे हैं। वहीं कुछ कांवरिया ऐसे हैं जो दिव्यांग हैं लेकिन दिल में भक्ति और श्रद्धा लिए 105 किलोमीटर की दूरी तय करने निकल चुके हैं. इनमें कहीं न कहीं आम श्रद्धालुओं से ज्यादा उत्साह है। बिहार के औरंगाबाद जिले के बारुण से आये राकेश कुमार पासवान भी ऐसे ही महादेव भक्तों में शामिल है। जो दोनों पैर से दिव्यांग होने के बाद भी हाथ के सहारे दिल में भोलेनाथ कि भक्ति लिए काँवरिया पथ पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

 

राकेश दूसरी बार  हाथ के बल चलकर भोलेनाथ को जल चढ़ाने जा रहे हैं. कोरोना काल में दो साल भोलेनाथ से मिलने नहीं जा पाने का राकेश को अफ़सोस भी है. लेकिन इस बार जा रहे हैं तो दिल में काफी उत्साह है. हम आपको बता दें कि राकेश जब 10 वर्ष के थे तभी वे पोलियो का शिकार हो गए और उनका दोनों पांव नाकाम हो गया. 

बावजूद इसके भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा इतना कि बाबा बैजनाथ को जलाभिषेक करने के लिए सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट से गंगाजल पीठ पर झोले में भर कर भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए 105 किलोमीटर कि दूरी तय करने निकल पड़े हैं। वहीं इस रास्ते में उनकी भक्ति को देखकर दूसरे कांवरिया भी उनका हौंसला बढ़ा रहे हैं। 


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