BIG BREAKING : सुधा ने ग्राहकों को दिया जोरदार झटका, दूध सहित कई उत्पादों के दामों में किया भारी इजाफा

BIG BREAKING : सुधा ने ग्राहकों को दिया जोरदार झटका,  दूध सहित कई उत्पादों के दामों में किया भारी इजाफा

PATNA : साल 2021 के दूसरे महीने में सुधा ने बड़ा झटका दिया है. सुधा के दूध समेत अन्य उत्पादों की कीमत बढ़ा दी गई है. प्रति लीटर दूध की कीमत में औसतन दो रुपये की वृद्धि की गई है. सात फरवरी से नयी दरें लागू हो जाएगी. इसके पहले सुधा ब्रांड के दूध और अन्य उत्पादों में नवंबर, 2019 में वृद्धि की गई थी. इस प्रकार करीब 14 महीने बाद फिर से यह बढ़ोतरी की जा रही है. वहीं, सुधा के दही और टेट्रा पैक फ्लेवर्ड दूध आदि की कीमत में वृद्धि नहीं की गई है. 

सुधा की ओर कहा गया है की पशुपालकों को भी दी जाने वाली दर भी कम्फेड ने प्रति किलो 1.36 रुपये से 2.43 रुपये तक बढ़ा दी है. दूध उत्पादकों द्वारा लागत मूल्य में वृद्धि करने की लगातार मांग की जा रही थी. अलग-अलग फैट के दूध की नई कीमत तय की गई है, जिसका भुगतान अब पशुपालकों को की जाएगी. पशुपालकों को नई दर 11 फरवरी से मिलेगी. पशुपालकों को अब 30.74 रुपये प्रति किलो से लेकर 39.57 रुपये किलो की दर से भुगतान किया जाएगा. साथ ही दूध के मूल्य का करीब 0.5 प्रतिशत समिति सचिव के मार्जिन में सशर्त वृद्धि की गई है. 


बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कम्फेड) ने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि बिजली, पेट्रोलियम पदार्थों, पॉलिथीन, मानव बल आदि में खर्च में वृद्धि हुई है. साथ ही, पशुपालकों द्वारा भी इसकी मांग लगातार की जा रही थी कि उन्हें दिए जाने वाले दूध की दर बढ़ाई जाए. इसको लेकर अन्य सरकारी डेयरी ब्रांडों द्वारा दूध एवं उत्पादों की दरों में राष्ट्रव्यापी वृद्धि पहले ही की जा चुकी है. कम्फेड के मुताबिक इसके मद्देनजर सुधा दूध की कीमतों में भी वृद्धि करनी पड़ी है. कम्फेड की प्रोग्रामिंग कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है, जिसमें सभी दूध संघों के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष उपस्थित थे. 

बताते चलें की इन दिनों राज्यभर से प्रतिदिन 17.5 लाख किलो दूध समिति द्वारा एकत्र किया जा रहा है. इस दूध को पाउच में पैक कर प्रतिदिन करीब 16 लाख लीटर दूध की बिक्री की जा रही है. साथ ही, ढाई लाख लीटर दूध के समतुल्य इसके उत्पाद की भी बिक्री की जा रही है. बिहार में डेयरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी की संख्या 24 हजार है. इनमें 12 लाख 50 हजार पशुपालक सदस्य हैं. इनमें एक लाख 53 हजार महिला सदस्य हैं. इन्हीं द्वारा उत्पादित दूध की खरीद समिति करती है. पशुपालकों के दूध की मात्रा के अनुसार उनकी आमदनी होती है. 



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