सुप्रीम कोर्ट की सरकार को फटकार: हम आपकी सरकार चलाने के लिए किसी को नियुक्त कर देंगे

सुप्रीम कोर्ट की सरकार को फटकार: हम आपकी सरकार चलाने के लिए किसी को नियुक्त कर देंगे

 नई दिल्ली. वायु प्रदूषण की खतरनाक होती स्थिति पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार को जमकर फटकारा. प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति के बाद भी दिल्ली में छोटे बच्चों के स्कूल खोलने की अनुमति देने पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण ने कहा कि प्रदूषण की खतरनाक स्थिति में तीन और चार साल के बच्चे स्कूल जा रहे हैं लेकिन वयस्क घर से काम कर रहे हैं. सरकार का यह कैसा निर्णय है? कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए केजरीवाल सरकार को कहा कि हम आपकी सरकार चलाने के लिए किसी को नियुक्त कर देंगे. 

दिल्ली में दिवाली के बाद से वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. इसी को लेकर शीर्ष न्यायालय में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकार के दावों के बावजूद दिल्ली में वायु प्रदूषण में वृद्धि हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले कुछ हफ्तों में केंद्र, दिल्ली और सीमावर्ती सरकारों की ओर से किए गए उपायों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि हमें लगता है कि कुछ नहीं हो रहा है, सिर्फ समय बर्बाद हो रहा है और प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए अदालत ने केंद्र, दिल्ली और पड़ोसी राज्यों को औद्योगिक और वाहनों से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया. कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि बिगड़ती वायु गुणवत्ता के पीछे मुख्य कारणों में औद्योगिक और वाहनों से होने वाला प्रदूषण है. 

प्रदूषण के कारण दस दिनों से ज्यादा समय से दिल्ली के स्कूल बंद थे जिन्हें गुरुवार से फिर से खोला गया. इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की. हालांकि कोर्ट की टिप्पणी पर दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि स्कूलों में कम पढाई होने पर बहुत बहस हुई है. इसलिए हमने ऑनलाइन विकल्प के शर्त के साथ फिर से स्कूल खोल दिया है. 

हालांकि इस पर मुख्य न्यायाधीश ने तीखी प्रतिक्रिया में कहा, आप कह रहे हैं कि आपने इसे वैकल्पिक छोड़ दिया. लेकिन घर पर कौन बैठना चाहता है? हमारे बच्चे और पोते-पोतियां भी हैं. हम जानते हैं कि वे महामारी के बाद से किन समस्याओं का सामना कर रहे हैं. यदि आप कार्रवाई नहीं करते हैं तो हम कल सख्त कार्रवाई करेंगे. हम आपको 24 घंटे का समय देते हैं. शीर्ष अदालत की टिप्पणियों के कुछ ही घंटों बाद दिल्ली में अगले आदेश तक स्कूलों को बंद करने" की घोषणा की गई.

साथ ही मुख्य नयायाधीश ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि जब सरकार प्रदूषण नियन्त्रण पर बड़े बड़े दावे कर रही है तब भी प्रदूषण क्यों बढ़ रहा है? कोर्ट ने कहा, आपातकाल में आपको सक्रिय रूप से और रचनात्मकता के साथ काम करना होगा. 

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