आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में पेश, सुशील मोदी बोले- बिहार की अर्थव्यवस्था लगातार कर रही बेहतर प्रदर्शन, कृषि उत्पादन में भी रिकॉर्ड वृद्धि

PATNA : बिहार विधान मंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरु हो गया। पहले दिन डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री सुशील मोदी ने 2018-19 का आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में पेश किया। 13वें आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था लगातार विकास पथ पर अग्रसर है। वर्ष 1017-18 में बिहार की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर एक वर्ष पूर्व के 9.9 प्रतिशत से बढ़कर 11.3 प्रतिशत हो गई। जबकि दोनो ही वर्षों में राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7 प्रतिशत के आसपास रही है।

राजकोषीय घाटा घटा

सुशील मोदी ने कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक घाटा 2016-17 के 8,289 करोड़ से घटकर 2017-18 में 5,251 करोड़ रह गया है। प्राथमिक घाटे में कमी के कारण 2017-18 में सकल राजकोषीय घाटा भी 2016-17 के 16,480 करोड़ से घटकर 2017-18 में 14,305 करोड़ रह गया जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.9 प्रतिशत था और सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत की राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम की सीमा से नीचे था।

कृषि उत्पादन में रिकार्ड वृद्धि

वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार में अनाजों के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। कृषि उत्पादन में 4.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर रही है। अनाज उत्पादन 2013-14 के 15.72 लाख टन से 2017-18 में 17.35 लाख टन हो गया है। मक्का के उत्पादन वृद्धि दर 6 प्रतिशत और चावल में 4.0 प्रतिशत रही है।

बिजली की उपलब्धता बढ़ी

सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में बिजली की चरम मांग पूरी करने के मामले में काफी सुधार हुआ है। बिजली उपलब्धता 2011-12 के 1712 मेगावाट से 2017-18 में 4,535 मेगावाट हो गई है। पिछले 7 वर्षों में बिजली की उपलब्धता लगभग 165 प्रतिशत बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपलब्धता 6-8 घंटे से बढ़कर 18-20 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 10-12 घंटे से बढ़कर 22-24 घंटे हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत 2011-12 के 134 किलोवाट आवर से बढ़कर 2017-18 में 280 किलोवाट आवर हो गई है।

वाहनों की बिक्री बढ़ी

सुशील मोदी ने इसके अलावा वाहनों की खरीद बिक्री बढ़ने पर भी खुशी जताई और कहा कि वर्ष 2016-17 में 7 लाख 64 हजार वाहन की बिक्री हुई थी जो बढ़कर 2017-18 में 11,18,000 हो गई। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार के लोगों की औसत आयु में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2006 से 10 के बीच औसत आयु 65.8 थी जो बढ़कर अब 68.7 हो गई है।

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