'धर्मपत्नी' बनी धनकुबेर ! निगरानी ने भ्रष्ट 'इंजीनियर' की खोली पोल, DSP साहब ने भी किया है वही काम, धर्मपत्नी को बनाया 'धनवान'

'धर्मपत्नी' बनी धनकुबेर ! निगरानी ने भ्रष्ट 'इंजीनियर' की खोली पोल, DSP साहब ने भी किया है वही काम, धर्मपत्नी को बनाया 'धनवान'

PATNA: बिहार में अब ईमानदार अफसरों की संख्या घटती जा रही और भ्रष्ट अफसरों की संख्या में वृद्धि होते जा रही है.जिस अफसर या इंजीनियर के ठिकानों पर निगरानी का छापा पड़ रहा, वहां से अकूत संपत्ति की जानकारी मिल रही.अधिकांश ने सरकारी सेवा में रहने के दौरान रिश्वत के पैसे से अथाह धन-दौलत अर्जित की. साल भर में ही लगभग पचास से अधिक धनकुबेर अफसर और इंजीनियरों के ठिकानों पर विशेष निगरानी इकाई,निगरानी ब्यूरो और आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी हो चुकी है। भ्रष्ट अफसर रिश्वत के पैसे से अपनी धर्मपत्नी को धनकुबेर बनाते हैं. रिश्वत के पैसे से अफसर पत्नी के नाम पर संपत्ति की खरीद करते हैं और फिर सरकार से छुपा लेते हैं. मंगलवार को विशेष निगरानी इकाई ने पुल निर्माण निगम के इंजीनियर अरविंद कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की। जांच ब्यूरो ने आय से 1.51 करोड़ रू अधिक की संपत्ति अर्जित करने का केस किया. लेकिन जब छापेमारी की तो संपत्ति पांच करोड़ से अधिक की निकल गई। इंजीनियर ने यह संपत्ति अपनी पत्नी और बेटे के नाम पर अर्जित की। अब इंजीनियर साहब की चालाकी धरी गई है। 

डीएसपी साहब की धर्म पत्नी भी धनकुबेर 

वैसे सिर्फ इंजीनियर साहब ही चालक नहीं थे, इन्होंने ही अपनी धर्म पत्नी को धनकुबेर नहीं बनाया बल्कि इस लिस्ट में कई नाम हैं. एक डीएसपी साहब हैं. इन्होंने भी अकूत संपत्ति अर्जित की और अपनी धर्मपत्नी को धनकुबेर बना दिया। डीएसपी साहब ने पत्नी को धनकुबेर बनाया लेकिन एक जगह गच्चा खा गये. जो गलती इंजीनियर ने किया,वही गलती डीएसपी साहब भी कर गये. इन्होंने भी अपनी धनकुबेर धर्मपत्नी के धन की आधी जानकारी सरकार को बताई और आधी छुपा ली। अब डीएसपी साहब की पोल पट्टी खुल गई है। न्यूज4नेशन के पास डीएसपी साहब की धर्म पत्नी के धनकुबेर बनने की पूरी कहानी और सबूत आ गई है। 

डीएसपी ने पत्नी के नाम खरीदी संपत्ति को छुपाई 

डीएसपी साहब और पत्नी के नाम में टायटल समान है। साहब ने अपनी पत्नी के नाम पर अगस्त 2014 में दलसिंहसराय में करीब 6.5 डिसमिल जमीन का एग्रीमेंट कराया। तब उस जमीन की कीमत 11.32 लाख बताई गई थी।  इसके बाद साहब ने जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया था, उसकी रजिस्ट्री उसी साल यानी दिसंबर 2014 में ही करा लिया। जिस दिन इन्होंने 6.5 डिसमिल जमीन की खरीद की, उसी दिन इससे सटे एक और प्लॉट को खरीद लिया। वह जमीन 0.68 डिसमिल है। इसकी कीमत 12500 लाख बताई गई। इस जमीन की चौहद्दी में डीएसपी साहब का पहले वाला जमीन है। दोनों जमीन के विक्रेता एक ही महिला हैं। इस तरह से दिसंबर 2014 में एक ही दिन डीएसपी साहब ने अपनी पत्नी के नाम से जमीन का 2 प्लॉट खरीदा। डीएसपी साहब ने संपत्ति के ब्योरा में अपनी पत्नी के नाम पर क्या-क्या उल्लेख किया है। पत्नी के नाम पर नकद से लेकर एलआईसी पॉलिसी और स्कूटी तक का जिक्र किया है। लेकिन अचल संपत्ति के ब्योरा में NILL लिखा है। कृषि योग्य जमीन, गैर कृषि योग्य जमीन,मकान,अपार्टमेंट-फ्लैट के कॉलम में NILL लिखा गया है। यानी अच संपत्ति कुछ भी नहीं. 

प्रमोशन पाकर बने हैं डीएसपी,अगले साल होंगे रिटायर 

डीएसपी साहब के बारे में जान लें. डीएसपी साहब काफी दिनों से चंपारण इलाके में पदस्थापित हैं। पति-पत्नी का टायटल भी समान है। जहां पदस्थापित हैं उसके पड़ोस वाले जिले में ही उनका पैतृक घर है। वे अपनी सेवा के अंतिम काल में हैं. आने वाले दिनों में रिटायर होने वाले हैं। कहा जाता है कि अवैध काम को आप चाहे जितना छुपा लें, छुप नहीं सकता। कुछ वैसा ही हाल डीएसपी साहब के साथ भी है। भले ही उन्होंने संपत्ति के ब्योरा में पत्नी वाली संपत्ति छुपा ली हो लेकिन सच सामने है। न्यूज4नेशन के पास सबूतों की पूरी कुंडली पहुंच गई है। देखना होगा कि संपत्ति छुपाने वाले अधिकारी पर आगे क्या कुछ होता है। क्यों कि सरकार की नजर में जिस अधिकारी ने अपनी संपत्ति छुपाई, उसे अवैध मान लिया जाता है.. साथ ही आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज होता है। हाल ही में एक डीएसपी के खिलाफ सेवानिवृति से एक दिन पहले ही आय से अधिक संपत्ति केस में छापेमारी हुई थी. 

  

भ्रष्ट इंजीनियर के ठिकानों पर एसवीयू ने की है छापेमारी 

मंगलवार को पुल निर्माण निगम के इंजीनियर अरविंद कुमार के ठिकानों पर निगरानी की टीम ने छापेमारी की है. इस रेड में अब तक मकान और जमीन समेत करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. इंजीनियर अरविंद कुमार के कई अकाउंट में अवैध कमाई भी है. आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है. बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के इंजीनियर अरविंद कुमार के आवास और कार्यालय पर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने छापेमारी की जिसमें करोड़ों रुपये के भूखंड और मकान की जानकारी मिली है. सिर्फ पटना में ही चार जगह जमीन और मकान मिले हैं। यह संपत्ति पत्नी और बेटों के नाम पर बनाई गई है. इस मामले में एसवीयू ने आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया है. इसमें लगभग एक करोड़ 51 लाख रुपये की संपत्ति अवैध और नाजायज ढंग से अर्जित करने का आरोप है. एसवीयू से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक़ छापेमारी के बाद संपत्ति का किये गये आकलन में पता चला कि उनके पास यह करीब पांच करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है.

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