सुशासन का 'भद्द' पिटने के बाद नीतीश सरकार की अजीबोगरीब सफाई, कोरोना जांच में मोबाइल नं-उम्र से अधिक व्यक्ति जरूरी

सुशासन का 'भद्द' पिटने के बाद नीतीश सरकार की अजीबोगरीब सफाई, कोरोना जांच में मोबाइल नं-उम्र से अधिक व्यक्ति जरूरी

PATNA : बिहार में कोरोना जांच में भारी गड़बड़ी के बारे देश भर में सुशासन की भद्द पिट गई है। सरकार के तमाम दावों की पोल खुलने के बाद स्वास्थ्य विभाग बैकफुट पर आ गया। अब चेहरे पर लगे दाग को धोने की कोशिश की जा रही है। जमुई और शेखपुरा में कोरोना जांच में गड़बड़ी की खबर सामने आने के बाद आज स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने सफाई दी। सरकार ने कहा कि अभी तक जमुई में गड़बड़ी पकड़ी गई जहां हमने एक्शन लिया है। हमारे लिए मोबाईल नंबर और उम्र जरूरी नहीं है। मेरे लिए व्यक्ति महत्वपूर्ण है। यानी कि मोबाईल नंबर 0000000000 को बड़ा गड़बड़ी मानने से इंकार कर दिया।

उन्होंने कहा की बिहार में आरटीपीसीआर की क्षमता जून जुलाई में 1000 की भी नहीं थी. लेकिन टेस्ट, ट्रैक, ट्रिक बहुत जरूरी था. स्वास्थ्य सचिव ने अचानक टेस्ट का फिगर बढ़ने पर कहा की 27 जुलाई को आरटीपीसीआर 6884 ही था और एंटीजन टेस्ट 93153 हुआ. आज भी आरटीपीसीआर में प्रतिदिन 20 हजार जांच की क्षमता है.कोरोना काल में टेस्टिंग लगातार होती रहे यह हमारे लिए चुनौती थी. विधानसभा चुनाव के समय और छठ को देखते हुए भी हमने यह कोशिश की जांच में कोई कमी नही आये.

गड़बड़ी के मामले पर सफाई देते हुए स्वास्थ्य प्रधान सचिव ने कहा की जमुई और शेखपुरा के बारे में जब जानकारी मिली इसके बाद वहां DM को जांच के लिए कहा गया है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग की 10 टीमों को विभिन्न जिलों में भेजी गई है. बाकी 26 जिलों में वहाँ के डीएम को कहा गया कि अपने जिले में रेंडम जांच करें. पता और नंबर की जांच करने को कहा गया है. बरहट और सिकंदरा में पाया गया कि अधिकांश जगह नंबर और एड्रेस गलत था. वो व्यक्ति था ही नहीं. जमुई के सिविल सर्जन समेत अन्य अधिकारी पर कल ही कार्रवाई की गयी है. आज प्रतिरक्षण पदाधिकारी पर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। बरहट और सिकंदरा में तो गड़बड़ी पाई गई. लेकिन शेखपुरा में कोई गड़बड़ी नही पाई गई है. व्यक्ति तो मिल रहे हैं लेकिन मोबाइल नंबर मैच नहीं कर रहे. उन्होंने कहा की अररिया के फारबिसगंज में व्यक्ति तो मिल गए. लेकिन मोबाइल नम्बर शून्य है. कहीं एएनएम का नंबर है कही अन्य का. अररिया सिविल सर्जन से स्पष्टीकरण पूछा गया है. शिवहर के पुरनहिया में भी 40- 50 लोगों का ऐसा मामला पाया गया है. अब तक सिकंदरा और बरहट में जो स्थिति मिली. उस तरह अन्य जगह पर इस तरह की समस्या नहीं है. 

राज्य सभा में मामला उठा,रिपोर्ट भेज दी गई

स्वास्थ्य प्रधान सचिव ने कहा की राज्यसभा में भी यह मामला उठा है. हमने कल शाम में ही रिपोर्ट भेज दिया है. कुछ कर्मी या पदाधिकारी के चलते गलती हुई है उसके चलते पूरे राज्य पर सवाल खड़ा करना उचित नहीं है. अगर कुछ लोग गलत किये हैं उनपर कार्रवाई किया है, आगे भी करेंगे. लेकिन पूरे अभियान पर सवाल खड़ा करना ठीक नहीं है. 6 कंपनियों से हमने एंटीजन टेस्ट किट का क्रय किया है. एंटीजन टेस्ट का पहले कीमत 504 रु था. आज 42.47 रुपया है. उन्होंने कहा की मेरे लिए उम्र और मोबाइल नंबर जरूरी नहीं व्यक्ति जरूरी है. 

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट 



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