यहां तस्करी करने के लिए पुलिस देती है सुरक्षा, जानिए कैसे करते हैं काम

यहां तस्करी करने के लिए पुलिस देती है सुरक्षा, जानिए कैसे करते हैं काम

कटिहार। बिहार में मिट्टी तेल मिलना भले ही बंद हो गया हो, लेकिन प्रदेश के बंगाल से सटे सीमावर्ती इलाकों में किरासन तेल की तस्करी मजे से फल-फूल रहा है। यहां तेल की तस्करी में लगे लोगों पर कार्रवाई करने की जगह पुलिस थाना में काम करने लोग हर माह नजराना फिक्स कर रखा है। तेल तस्कर थानों में यह नजराना देकर आराम से बंगाल का तेल बिहार में खपा रहे हैं। 

 मिट्टी तेल की तस्करी का खेल रात के अंधेरे से अहले सुबह तक चलता है।  मोटरसाइकिल में लादकर बंगाल के खुला बॉर्डर पार करके मिट्टी तेल ले आते हैं और बिहार में गरीब परिवारों के बीच अधिक कीमत पर उनकी ब्रिकी करते हैं। तेल तस्करों ने कैमरा के सामने इस बात को माना है कि तेल लाने के लिए सीमा के दो थानों प्राणपुर और लावा में हर माह नजराना देना होता है। तेल तस्करों का यह वीडियो कटिहार जिला के रोशना ओपी क्षेत्र की है।  बंगाल के बॉर्डर पर कर मिट्टी तेल को ड्राम में भरकर ले आए रहे तस्करों ने कहां की यह उन लोगों का हर दिन का काम है, इसके लिए थाने में मंथली नजराना फिक्स है जिसे देकर ही वह लोग ये काम हर दिन करते है। 

बिचौलिए के जरिए पहुंचता है पैसा

तस्करों ने पूरा काला खेल का खुलासा करते हुए कहा की बंगाल के एक थाना में जबकि बिहार के कटिहार के जिला के दो थाना रोशना और प्राणपुर में नजराना देना पड़ता है, तस्करों ने कैमरा पर ही रोशना थाना की सिपाही अशराफुल जबकि प्राणपुर थाना के सिपाही संजय को रुपया देने की बात कह रहे हैं, जो तस्करों और थाने के बिचौलिए का काम करते हैं। 

कमाई वाला थाना

एक तेल तस्कर ने बताया कि यहां डेढ़ सौ से ज्यादा लोग इस धंधे में शामिल हैं। हर व्यक्ति को प्राणपुर और लावा थाने में एक हजार रुपए महीने के देने होते हैं। ऐसे में अगर आकलन लगाया जाए तो दोनों थानों में सिर्फ तेल तस्करों से ही डेढ़ से दो लाख की हर महीने आमदनी हो जाती है। तेल तस्करों ने बताया कि बंगाल में एक ड्रम तेल लगभग 13 हजार रुपए में मिलता है, जिसे बिहार में 14 हजार से अधिक कीमत पर बेचा जाता है। हर तस्कर महीने में 15 -20 ड्रम तेल बेच लेते हैं।

पुलिस ने मानी तस्करी की बात

अब पूरे मामले पर पुलिस के वरीय अधिकारी भी मान रहे हैं कि इस तेल के खेल में कुछ तो काला है। पुलिस अधिकारी भी मानते हैं उन तक भी बंगाल के रास्ते में तेल तस्करी से जुड़े जानकारी तो हैं, इसके पीछे बंगाल और बिहार में तेल के दाम में अंतर होने के कारण बताया जाता है। जहां तक तस्करी की चर्चा में पुलिस की मिलीभगत की बात है तो इस पर जांच कर निश्चित तौर पर पुलिस कर्मी दोषी पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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