बालू-गिट्टी-ईंट ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रक और कमर्शियल गाड़ियों से पंचायत कर सकेगी टैक्स की वसूली, सरकार देने जा रही है अधिकार

बालू-गिट्टी-ईंट ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रक और कमर्शियल गाड़ियों से पंचायत कर सकेगी टैक्स की वसूली, सरकार देने जा रही है अधिकार

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण सरकार को नए अधिकार देने की कवायद शुरू हो गई है। अब ग्राम पंचायतें भी अपने इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों पर टैक्स लगा सकेंगी और इसकी वसूली का काम भी कर सकेंगी। बताया जा रहा है कि इसके नियमावली बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। पंचायत चुनाव के बाद इसका लाभ मिलने की बात कही जा रही है। 

राज्य सरकार इस 8386 पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के रूप में देख रही है। पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि महिला सशक्तीकरण लागू करने वाली एनडीए सरकार अब पंचायतों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उन्हें टैक्स वसूलने की शक्ति देगी। 

बालू-गिट्टी-ईंट ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रक होंगे दायरे में

पंचायती राज मंत्री के अनुसार पहले चरण में तय हुआ है कि खेती-किसानी में लगे वाहनों को टैक्स से छूट रहेगी। बालू-गिट्टी-ईंट ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रक और कमर्शियल गतिविधि में जुड़े स्कोर्पियो-बोलेरो वालों को टैक्स देना होगा। इधर, पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि पंचायतों को टैक्सेशन पावर देने की पुष्टि करते हुए बताया कि चुनाव बाद सभी पंचायतों को जल्द से जल्द यह अधिकार मिले, इसकी कार्रवाई शीघ्र शुरू की जाएगी।

नियमावली नहीं होने के कारण कई दशकों से नहीं मिला अधिकार

पंचायतों को टैक्स लगाने के अधिकार को लेकर सरकार की घोषणा को लेकर प्रदेश मुखिया महासंघ में खुशी भी है और नाराजगी भी। महासंघ के अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा-’इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि यहां की पंचायतों को अपने क्षेत्राधिकार में टैक्स लेने का अधिकार नहीं है, जबकि उनको इसका बाकायदा संवैधानिक अधिकार है। इससे भी हद यह कि सिर्फ नियमावली नहीं बनने से यह काम अभी तक नहीं हो पाया है। हालांकि देर से ही सही सरकार ने इस पर नियमावली बनाने का फैसला लिया है,जो स्वागतयोग्य है

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