शिक्षक पति और शिक्षिका पत्नी का नाम चुनाव ड्यूटी से हटाने के लिए अब सामने आए शिक्षक संघ

शिक्षक पति और शिक्षिका पत्नी का नाम चुनाव ड्यूटी से हटाने के लिए अब सामने आए शिक्षक संघ

DESK कोरोना महामारी के बीच हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव ने सबकी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया है. चुनाव ड्यूटी में लगे लोगों ने अपनी अपनी मजबूरियां सामने रखी. शिक्षकों का कहना हैं, पति-पत्नी दोनों को चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है। हमारे छोटे बच्चे हैं। माता-पिता भी बूढ़े हैं। ऐसे में किसी एक का नाम चुनाव ड्यूटी से हटा दिया जाय। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में सैकड़ों ऐसे शिक्षक और शिक्षिकाएं हैं जो पति और पत्नी हैं। इन दोनों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गयी है। अब ये शिक्षक और शिक्षिकाएं जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिख कर पति-पत्नी में से किसी एक को चुनाव ड्यूटी से हटाने का आग्रह कर रहे हैं। इसके लिए आवेदन दे रहे हैं। 

प्रदेशभर की बात करें तो सैकड़ों शिक्षकों के साथ ऐसा हुआ है। शिक्षक राहुल कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी पायल वर्मा राजकीय मध्य विद्यालय संग्रामपुर पूर्वी चंपारण में कार्यरत हैं। दोनों को चुनाव की ड्यूटी दे दी गयी है। बच्चे को छोड़ कर नहीं जा सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन पदाधिकारी को आवेदन दिया है। 

शिक्षक संघ कर रहे हैं चुनाव ड्यूटी से हटाने की मांग 

शिक्षक पति और शिक्षिका पत्नी का नाम चुनाव ड्यूटी से हटाने के लिए अब शिक्षक संघ भी सामने आ चुका है। परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवासी ने बताया कि इसको लेकर शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र लिखा है। प्रदेश भर के सैकड़ों शिक्षक के साथ ऐसा हुआ है। टीईटी और एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने बताया कि पति-पत्नी में से किसी एक को ड्यूटी में लगाया जाना है। कई शिक्षक कर्मी को पारिवारिक समस्याएं है। ऐसे में चुनाव आयोग को राहत देनी चाहिए। 

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