शिक्षकों को पटना आने से रोकने के लिए सरकार ने चलाया अंतिम हथियार ...5 सितंबर को स्कूलों से गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों की सूची मुख्यालय भेजने केआदेश

शिक्षकों को पटना आने से रोकने के लिए सरकार ने चलाया अंतिम हथियार ...5 सितंबर को स्कूलों से गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों की सूची मुख्यालय भेजने केआदेश

PATNA: बिहार सरकार शिक्षकों के आंदोलन को हर हाल में कुचलना चाहती है।सरकार की पूरी कोशिश है कि शिक्षकों को पटना आने से रोका जाए।इसको लेकर लगातार कोशिश की जा रही है। शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर को स्कूल से गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों की सूची 6 सितबंर को हर हाल में मुख्यालय भेजने का आदेश दिया गया है।शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि अगर शिक्षक दिवस के दिन कोई भी शिक्षक अनुपस्थित हुआ तो हर हाल में उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

शिक्षा विभाग ने आज यानी 4 सितंबर को एक और आदेश जारी किया है।विभाग ने सभी सभी प्रखंड के बीआईओ और जिलास्तरीय पदाधिकारियों को निदेश दिया है कि वे स्कूलों पर नजर रखें और विद्यालय के प्रधान शिक्षकों से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की सूची लें।बीईओ हर हाल में 5 सितबंर की शाम 5 बजे तक गैरहाजिर शिक्षकों की रिपोर्ट डीईओ के पास भेज दें।उसके बाद डीईओ पूरी रिपोर्ट 6 सितबंर 12 बजे तक निदेशालय को भेजेंगे।

आपको बता दें कि बिहार के नियोजित शिक्षकों ने शिक्षक के दिवस के दिन पटना चलने का आहवान किया है। शिक्षक दिवस यानी कल गुरुवार को पूरे बिहार के शिक्षकों का जबरदस्त जुटान पटना में होने वाला है। गौरतलब है कि अपने पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने ऐलान कर रखा है कि 5 सितंबर को नियोजित शिक्षक अपनी मांगों को लेकर पटना में एक विशाल धरना देंगे।हालांकि इस ऐलान के बाद सरकार ने फरमान जारी किया था कि किसी कीमत पर शिक्षक दिवस को शिक्षकों को स्कूल नहीं छोड़ना है। शिक्षक दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिक्षकों का भाग लेना निहायत जरूरी है।  

सरकार के द्वारा जारी किए गए इस फरमान को बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के नेता ब्रजनंदन शर्मा ने इसे तुगलकी करार देते हुए कहां है कि लड़ाई अब सिर्फ समान काम समान वेतन का नहीं रहा बल्कि अब मान सम्मान का हो गया है।


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