शिक्षक नियोजन बना सरकार के गले की फांस, अब सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने चलाया जबरदस्त अभियान, 'जल्द बहाल करो सरकार'

शिक्षक नियोजन बना सरकार के गले की फांस, अब  सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने चलाया जबरदस्त अभियान, 'जल्द बहाल करो सरकार'

डेस्क... बिहार शिक्षक बहाली को लेकर राज्य के अभ्यर्थियों ने अब मोर्चा खोल दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार अगर जल्द से जल्द काउंसेलिंग का डेट जारी नहीं करेगी तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन के अलावा हमारे पास कोई विकल्प भी नहीं है। काउंसेलिंग और कैंप लगाने के लिए राज्य सरकार से अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रार्थनाओं वाली मैसेज की झड़ी लगा दी है। इन मैसेजों को देखकर तो यही लगता है कि दो साल से चल रही बिहार शिक्षक बहाली की लंबी प्रक्रिया के चलते उनका धैर्य जवाब देने लगा है। 

इस बहाली को लेकर अब कई सवाल भी उठने लाजमी हो गए हैं। पहले कोर्ट में  चल रहे केस के कारण अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़, अब कोर्ट के आदेश आने के बाद भी नियोजन इकाई की लारवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सरकार की मंशा अब बहाली को पंचायत चुनाव के बाद करना चाहती है। करना चाहती भी है या नहीं इस पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हद तो अब बिहार सरकार ने यह कर दी है कि उनके आगे न्यायपालिक के आदेश भी बौने दिखाई देने लगे हैं। 

वहीं, काउंसेलिंग की डेट को लेकर अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर ट्वीटर के जिरए तरह-तरह अनुरोध वाले मैसेजों की झड़ी लग गई है। उनके मैसजोें को देखकर तो यही लगता है कि सब्र का बांध अब टूटता जा रहा है। उनके कुछ मैसेज को आप यूं भी देख सकते हैं। 







इधर, अभ्यर्थी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग की मंशा साफ जाहिर हो चुकी है कि वो बहाली में नहीं करना चाहती है। अब करो या मरो की बात की स्थिति अभ्यर्थियों केसामने बनती जा रही है। बता दें कि अभ्यर्थियों की एक टीम सचिवालय जाकर प्राथमिक निदेशक से मुलाकत की। बातचीत से पता चला कि काउंसेलिंग की तिथि के बारे में नाम मात्र की कोई चर्चा नहीं है। 

अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की मंशा ही नहीं है शिक्षक बहाली की प्रक्रिया पूरी करने की। इस परिस्थिति को देखते हुए 8 जनवरी को इको पार्क में एक बैठक है। बैठक में आगे की रणनीति बनाने से पहले प्रधान सचिव से मुलाकत करने पर विचार किया जाएगा। प्रधान सचिव से मुलाकात के बाद 10 जनवरी को एक बैठक आयोजित कर आंदोलन करने की नीती पर विचार किया जाएगा। अभ्यर्थी अभिषेक चौबे ने बताया कि सरकार अगर शिक्षक बहाली की प्रक्रिया जल्द पूरी नहीं करेगी तो हमारे सामने सिर्फ आंदोलन करने का विकल्प ही रह जाएगा। 

बता दें कि विगत दो वर्षों से बिहार शिक्षक बहाली का मुद्दा अधर में लटका हुआ है। इसके लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। राजद ने आरोप लगाते हुए कहा है कि बिहार सरकार का रवैया ठीक नहीं है। शिक्षकों से जुड़े मामले को लटकाए रखना चाहती है और अपने ही निर्णय को लागू करने में टाल मटोल करती नजर आ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि तय समय में मेधा सूची प्रकाशित नहीं करने पर कार्रवाई की बात कही गई थी,  लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से किसी प्रकार का कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

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