RJD के दुर्ग पर पहले चरण में NDA का होगा तेज हमला, तेजस्वी अकेले कैसे बचा पाएंगे अपने 'किला'

RJD के दुर्ग पर पहले चरण में NDA का होगा तेज हमला, तेजस्वी अकेले  कैसे बचा पाएंगे अपने 'किला'

PATNA : बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद आज से पहले चरण का नामांकण शुरू हो चुका है. पहले चरण में 71 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है. इसमें 16 जिले शामिला है. पहले चरण के मतदान में आरजेडी और JDU की साख दाव पर होगी. पहले चरण में जिन 71 सीटों पर मतदान होना है उसमें राजद का दुर्ग शामिल है.

71 में से 25 सीटों पर है RJD का कब्जा
इस बार चुनावी समीकर बदला हुआ है. 2015 में लालू और नीतीश ने मिलकर चुनाव लड़ा था. लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग अलग हैं. पहले चरण में जिन 71 सीटों पर चुनाव है उसमें 25 सीटों पर आरजेडी का कब्जा है जबकि 21 सीटों पर जदयू ने कब्जा जमा रखा है जबकि बीजेपी को 14 सीटें ही मिली थी और कांग्रेस ने 8 सीट पर जीत दर्ज की थी.

तेजस्वी कैसे बचाएंगे अपनी सीटें
पहले चरण के 71 सीटों पर चुनाव होना है. लेकिन  2015 और आज के चुनावी समीकरण में काफी अंतर है. अब बीजेपी, जदयू और हम साथ हैं जबकि तेजस्वी और कांग्रेस का साथ है या नहीं अभी यह साफ नहीं हो पाया है. लिहाजा अगर एनडीए की सीटों को जोड़े तो िके पास 36 सीट हैं जबकि आरजेडी के पास 33. ऐसे में तेजस्वी के सामने यह बड़ी चुनौती होगी कि वो कैसे अकेले अपन सीटों को बचा पता हैं . पहले फेज की 71 में से 22 सीटों पर यादव समुदाय के विधायकों का कब्जा है. 2015 के चुनाव में यहां पर सबसे ज्यादा यादव समुदाय के विधायक जीतने में सफल रहे थे. इन 71 सीटों में से 22 यादव जीते हैं जबकि राजपूत, भूमिहार और कुशवाहा समुदाय के सात-सात विधायक जीते थे. वहीं, तीन सीटों पर कुर्मी समुदाय के विधायक का कब्जा है जबकि 13 सुरक्षित सीटों पर एससी-एसटी समुदाय के विधायक जीते हैं. 

7 मंत्रियों की साख दांव पर

पहले चरण में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार के 7 मंत्रियों की किस्मत का फैसला होना है. इनमें चार जेडीयू कोटे से मंत्री हैं तो तीन बीजेपी कोटे के मंत्री हैं. जेडीयू कोटे से मंत्रियों में जमालपुर से जीते शैलेश कुमार, घोसी से जीते कृष्णनंदन वर्मा, राजपुर से जीते संतोष कुमार निराला और दिनारा से जीते जय कुमार सिंह शामिल हैं. वहीं, बीजेपी कोटे वाले मंत्रियों में बांका से राम नारायण मंडल, चैनपुर से बृज किशोर बिन्द, और गया से जीते प्रेम कुमार शामिल हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय भी जिन सीटों से लड़ सकते हैं, वो सीटें भी इसी पहले चरण में शामिल हैं. इसके अलावा कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह की चुनाव सीट कहलगांव में भी पहले चरण में ही चुनाव होने हैं.

इन सीटों पर होना है चुनाव
बिहार चुनाव के पहले चरण की विधानसभा सीटें हैं, जिनमें कहलगांव, सुल्तानगंज, अमरपुर, धोरैया (एससी),  बांका, कटोरिया (एसटी), बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़, लखीसराय, शेखपुरा, बारबीघा, मोकामा, बाढ़, मसौढ़ी (एससी), पालीगंज, बिक्रम, संदेश, बराहरा, आरा, अगियांव (एससी), तरारी, जगदीशपुर, शाहपुर, ब्रह्मपुर, बक्सर, दुमरांव, रायपुर (एससी), मोहनिया (एससी), भाबुआ, चैनपुर, चेनारी (एससी), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, देहरी, कराकट, अरवल, कुर्था, जेहानाबाद, घोसी, मखदूमपुर (एससी), गोह, ओबरा, नबी नगर, कुटुम्बा (एससी), औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, शेरघाटी, इमामगंज, (एससी), बाराचट्टी (एससी), बोध गया (एससी), गया टाउन, टीकरी, बेलागंज, अतरी, वजीरगंज, राजौली (एससी), हिसुआ, नवादा, गोबिंदपुर, वरसालीगंज, सिकंदरा (एससी), जमुई, झाझा, चकाई सीटें शामिल हैं. 

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