तेजस्वी का सुशासन पर हमला, '16 वर्षों से सरकार में हैं, लेकिन पटना-गया रोड की हालत खराब', राज्यपाल से लेकर पूर्व मुख्य न्यायाधीश तक त्रस्त

तेजस्वी का सुशासन पर हमला, '16 वर्षों से सरकार में हैं, लेकिन पटना-गया रोड की हालत खराब', राज्यपाल से लेकर पूर्व मुख्य न्यायाधीश तक त्रस्त

PATNA: बिहार में 16 वर्षों से सुशासन का राज पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा हमला बोला है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सरकार के लोगों का दावा है कि राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना तक पहुंचने में 5 घंटे से ज्यादा का वक्त नहीं लगता। हालांकि इसी लक्ष्य को खोखला साबित कर रहा है पटना गया रोड यानी कि NH-83। 

आज यही एनएच-83 विपक्ष के लिए तुरूप का पत्ता साबित हो गया जब तेजस्वी के हाथ राज्यपाल का ऐसा वीडियो हाथ लगा, जिसमें राज्यपाल फागु चौहान ने पटना-गया रोड का जिक्र करते हुए उसे बेहद खराब बताया है। उनका कहना है कि इस सड़क की हालत इतनी खराब है कि इस पर चलना और इस को पार कर जाना अपने आप में दुष्कर कार्य है। इसकी तारीफ में एक बार पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश भी कह चुके हैं कि इस सड़क को पार करना हर किसी के बस की बात नहीं है।

ट्वीट कर सरकार पर साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में राज्यपाल फागू चौहान के बयान का जिक्र करते हुए लिखा है कि ‘बिहार के माननीय राज्यपाल को सुनिए। वो 16 वर्षों के CM नीतीश कुमार और NDA सरकार को आइना दिखा कह रहे है कि पटना से गया का रास्ता बड़ा ख़राब है। पूर्व में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी सड़क मार्ग की शिकायत कर चुके है। हाँ! बिहार में डबल इंजन सरकार और इनके 40 में से 39 MP है


अपने ट्वीट में तेजस्वी ने करीब 6 सेकेंड के वीडियो क्लिप का इस्तेमाल किया है, जिसमें राज्यपाल NH-83 की खस्ताहाल स्थिति का जिक्र कर रहे हैं। अब आप सीधे तौर पर समझ सकते हैं कि जब राज्य के प्रथम व्यक्ति को यह राजमार्ग दुष्कर लगता है, तो आमजन, जिनका रोज इसपर आना-जाना होता है, उनका क्या ही हश्र होता होगा?

लंबे वक्त से अटका पड़ा है NH का निर्माण कार्य

पटना-गया मार्ग को एनएच-83 के नाम से जाना जाता है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग पटना से शुरू होकर गया जिले के डोभी तक जाती है। इससे मसौढ़ी, जहानाबाद, गया, बोधगया जैसे प्रमुख क्षेत्र जुड़े हुए हैं। इस राजमार्ग की हालत ऐसी है कि समझ ही नहीं आता ही सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क?


NH-83 को जोड़ने के लिए 2.8 किमी लंबी सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण पर पेंच फंसा हुआ है। जमीन की कीमत में बढ़ोतरी के चलते भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और राज्य सरकार के बीच ये विवाद का विषय बन गया है। दरअसल, पिछले कुछ साल में कीमत 176 करोड़ रुपये से लगभग 580 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। अब इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को फटकार भी लगाई है और जमीन अधिग्रहण के मुद्दे को जल्द सुलझाने का निर्देश दिया है।

अभी गया से पटना सड़क मार्ग से जाने के लिए 109 किमी की दूरी तय करने में चार से पांच घंटे का समय लगता है, जो भी हो नये वर्ष यानी 2022 के अंत तक इस मार्ग पर आवागमन करने वालों की परेशानी दूर हो जाएगी। सड़क निर्माण कार्य में वर्ष 2020 से तेजी आयी। लेकिन कोरोना और मानसून का मार भी सड़क निर्माण को प्रभावित किया है। निर्माण कार्य में लगे एजेंसी सूत्र की माने तो गया, जहानाबाद और पटना इन तीनों जिले में करीब 10 से 15 प्रतिशत का काम पूर्ण हो गया है। इन जिले में प्रथम चरण का कार्य पूरा हो गया है। दूसरे चरण का काम शुरु हो गया है। बता दें,  इसकी लागत 1672 करोड़ रुपये की आई है, और इसे पूरा करने का कार्य जारी है।

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