तेजस्वी यादव की नई रणनीति,उपेन्द्र कुशवाहा की पकड़ कमजोर करने को लेकर कुशवाहा नेताओं को दिया बड़ा टास्क....

तेजस्वी यादव की नई रणनीति,उपेन्द्र कुशवाहा की पकड़ कमजोर करने को लेकर कुशवाहा नेताओं को दिया बड़ा टास्क....

पटनाः गोपालगंज के व्यवसाई रामाश्रय सिंह कुशवाहा हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति काफी गरम रही है।आरएलएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस केस को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लेकर उन्होंने पटना में कई बार प्रेस कांफ्रेंस किया।इतना हीं नहीं वे रामाश्रय कुशवाहा की आदोलनरत्त पत्नी का अनशन तुड़वाने गोपालगंज गए और न्याय दिलाने का प्रण लिया। नेता प्रतिपक्ष ने सभी घटनाओं के पीछे जेडीयू के बाहुबली विधायक पप्पू पांडेय का हाथ बताया था।साथ ही कहा था कि हम भी इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ते रहेंगे. उन्होंने मृतक कारोबारी की पत्नी से राखी भी बंधवाई और इंसाफ दिलाने का वादा किया. इसके बाद तेजस्वी यादव ने विधानसभा में भी इस मामले को उठाया और सीबीआई जांच की मांग की।राजद अब इस मामले को भुनाने में जुट गई है।

कुशवाहा वोटरों में पहुंच बनाने की कोशिश


दरअसल तेजस्वी यादव द्वारा रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड को जोरशोर से उठाने की एक बड़ी वजह सामने आई है।बिहार में विधान सभा के चुनाव होने हैं ऐसे में सभी दलों की नजर कुशवाहा वोटरों पर लगी है।उपेन्द्र कुशवाहा अपने आप को इस समाज का असली नेता बताते हैं।जानकार बताते हैं कि तेजस्वी यादव कुशवाहा समाज में अपनी पैठ बनाने की जुगत में जुटे हैं, ताकि उपेन्द्र कुशवाहा की ताकत को कम किया जा सके।इसीलिए वे रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड के आरोपियों को सजा दिलाने की मांग जोर शोर से उठाकर इस समाज में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की फिराक में हैं.

राजद नेतृत्व ने कुशवाहा नेताओं को दिया टास्क 

जानकार बताते हैं कि तेजस्वी यादव द्वारा विधान सभा में रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाने के बाद उसे भुनाने की कोशिश की जा रही है।इसके लिए पार्टी के कुशवाहा नेताओं को टास्क दिया गया है।पार्टी नेतृत्व ने सभी जिलों के कुशवाहा नेताओं को कहा है कि सबलोग निचले स्तर तक इस बात को ले जायें कि हमारी लड़ाई तेजस्वी यादव लड़ रहे हैं।इसके लिए बाजाप्ता रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग से संबंधित पोस्टर लगवायें ताकि लोग जान सके कि तेजस्वी यादव हमारी लड़ाई लड़ रहे।नेतृत्व के फऱमान के बाद हर जिला में कुशवाहा नेताओं की तरफ से पोस्टर लगाए जा रहे हैं।पटना में भी कई जगहों पर रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग संबंधी पोस्टर लगाए गए हैं।जिसमें तेजस्वी यादव को इसके लिए धन्यवाद दिया गया है. राजद के प्रदेश महासचिव आलोक मेहता ने कहा भी कि तेजस्वी यादव ने रामाश्रय कुशवाहा हत्याकांड के दोषियों को सख्त सजा दिलाने को लेकर सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाई है।नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच की मांग की है।हालांकि इसे चुनाव से जोड़ना ठीक नहीं है।

13 जून को गोली मारकर हुई थी हत्या: 


मालूम हो कि गत वर्ष 13 जून को रामाश्रम सिंह की उनके ही निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।इस मामले को लेकर उनके बड़े भाई हरि नारायण सिंह ने नौ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।लेकिन बाद में पुलिस ने इस मामले में विशाल सिंह सहित पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट में दायर कर दिया था।लेकिन मृतक के परिजन नामजद आरोपितों द्वारा ही घटना को अंजाम दिए जाने की बात कहते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।बाद में गत फरवरी 2020 में इस मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया था।
परिजन एक माह तक कार्रवाई के लिए करते रहे आंदोलन:

मामला सीआईडी को सौंपे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर मृतक के परिजन करीब डेढ़ माह तक आंदोलन करते रहे।मशाल जुलूस से लेकर धरना, प्रदर्शन, जल सत्याग्रह तक परिजनों ने किया। अंत में मृतक की विधवा सुनीता सिंह ने अपनी मांग पर जोर देने के लिए आमरण अनशन  शुरू कर दिया।आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, पप्पू यादव तथा बिहार विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव तक पहुंचे। अंत मे तेजस्वी यादव ने विधानसभा में मामले को उठाने और न्याय की लड़ाई की अपने स्तर से आगे बढ़ने का आश्वासन देते हुए आमरण अनशन तुड़वाया था। 

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