जदयू की बढ़त में अपनी खुशी तलाश रही बिहार बीजेपी! मंगल पांडेय बोले-तेजस्वी से खफा लालू के समधी समेत 6 विधायकों ने NDA किया जॉइन

जदयू की बढ़त में अपनी खुशी तलाश रही बिहार बीजेपी! मंगल पांडेय बोले-तेजस्वी से खफा लालू के समधी समेत 6 विधायकों ने NDA किया जॉइन

पटना : बिहार में चुनाव से पहले दल- दलबदल का सिलसिला जारी है. नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे श्याम रजक सबसे पहले बगावत का बिगुल फूंका और पार्टी छोड़ने का ऐलान किया.इसके बाद तो राजद में भगदड़ मच गई है ।राजद के 6 विधायक अचानक पाला बदलकर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में शामिल हुए हैं। वही राजद के कई अन्य विधायक कतार में है। वह भी किसी समय पाला बदलकर जेडीयू में शामिल हो सकते हैं। वहीं जेडीयू के भी कई विधायक तेजस्वी यादव के संपर्क में हैं और वह भी दल बदल कर सकते हैं। लेकिन इन सबके बीच बिहार बीजेपी की कोई पूछ नही रही है। अब तक कोई भी नेता बीजेपी में शामिल होने को तैयार नहीं हुआ है। बावजूद इसके बीजेपी काफी खुश है।जदयू की खुशी में ही बिहार बीजेपी अपनी खुशी तलाश रही है। बिहार बीजेपी के नेता और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे जेडीयू की बढ़त से काफी गदगद हैं। भले ही बीजेपी में कोई नेता शामिल नहीं हो रहा हो और बीजेपी की पुश्तैनी विधानसभा सीट के लिए भी जेडीयू राजद के विधायक को तोड़कर अपनी पार्टी में मिला रहा हो बावजूद इसके बीजेपी नेताओं की खुशी का ठिकाना नहीं है।

दरअसल महागठबंधन और राजद में टूट पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि यह तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बांकी है। बिहार विधानसभा चुनाव के अधिसूचना के पूर्व ही राजद धराशायी होने लगा है। यही नहीं गुरुवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के समधी ने भी राजद को बाय-बाय कर एनडीए पर भरोसा जताया है। लालू के लाल तेजस्वी यादव से खफा राजद के अन्य बागी विधायक भी एनडीए के संपर्क में हैं। ऐसे विधायकों की लंबी फेहरिस्त है। जल्द ही ऐसे विधायक जेडीयू और बीजेपी का दामन थामेंगे। इसमें राजद के कई बड़े नेता भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर महागठबंधन में शुरू से ही अपमानित जीतनराम मांझी की पार्टी ने भी महागठबंधन से दूरी बना नेता प्रतिपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है।

   आगे मंगल पांडे ने कहा कि राजद में यह बिखराव नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अहंकार के कारण है। सच यह है कि वहां लोगों को फजीहत झेलना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के द्वारा लगातार किये जा रहे अनर्गल प्रलाप के कारण उनके विधायकों को क्षेत्र में जनता के कोप का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ हो या कोरोना दोनों के ही संकट काल में लगातार झूठी बातें बोलने के कारण जनता में नाराजगी बढ़ रही है और उसका खामियाजा माननीय को भुगतना पड़ रहा है। मतदाताओं की नाराजगी को ही भांपकर विधायकों में राजद छोड़ने की होड़ मची है। यह बात अलग है कि विगत दिनों राजद ने अपने तीन विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया, लेकिन निष्कासित विधायक निष्कासन से पहले ही माननीय मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रति आस्था जता चुके थे।

    

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