स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पहली बार तेजस्वी यादव का हुआ विरोध, पीएमसीएच में जेआर ने ठप की ओपीडी सेवाएं, लगे हाय-हाय के नारे

स्वास्थ्य मंत्री के रूप में पहली बार तेजस्वी यादव का हुआ विरोध,  पीएमसीएच में जेआर ने ठप की ओपीडी सेवाएं, लगे हाय-हाय के नारे

PATNA : PMCH के जेआर को एक और फिर राज्य सरकार की तरफ से धोखा दिया गया है। जिसके बाद  आज सैकड़ों जूनियर रेसिडेंस ने अस्पताल के ओपीडी सेवाओं को ठप कर दिया है और हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान अस्पताल परिसर में न सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर नारेबाजी की गई, बल्कि पहली बार स्वास्थ्य मंत्री बने तेजस्वी यादव का भी जेआर ने विरोध जताया है। उनके खिलाफ अभ्यर्थियों ने नारेबाजी की है। वहीं जेआर के विरोध के कारण ओपीडी में मरीजों की इलाज भी बंद हो गया है। जिससे अस्पताल की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

विरोध कर रहे जेआर का कहना है कि बिहार सरकार हमें झूठे आश्वासन देती रही है। पिछले कई सालों से यहां जेआर का स्टाईपेंड नहीं बढ़ाया गया है। लगभग 10 साल से सरकार जेआर को सिर्फ 15 हजार स्टाईपेंड दे रही है। जो कि आज की स्थिति के अनुसार बेहद कम है। सरकार डॉक्टरों को मजदूरों की तरह काम कराना चाहती है। नियम है कि हर तीन साल में स्टाईपेंड की राशि को रिन्यूल किया जाता है। ताकि उसके आधार पर राशि बढ़ाई जा सका है। इसमें रिन्यूअल 2020 में ही किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसकी जगह सिर्फ आश्वासन दिया जाता रहा और सभी जेआर से साथ बार बार सरकार धोखा देती रही। 

मंगल पांडेय का लिया नाम

इस दौरान विरोध कर रहे जेआर ने सीधे सीधे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का नाम लेते हुए कहा कि वह बार बार भरोसा देते रहे है। पूर्व की सरकार ने इसको लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। अब सरकार बदली है तो नए स्वास्थ्य मंत्री से हमारी मांग है कि सभी जेआर की सालों से लंबित मांगों को पूरा करें। जूनियर रेसीडेंसी ने कहा कि सरकार से हमारी मांग सिर्फ इतनी है कि कम से कम स्टाईपेंड की राशि बढ़ाकर 25 हजार की जाए, ताकि वह सम्मानजनक लगे।

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