'तेजस्वी बिहार' नहीं बढ़ता बिहार, नीतीश कुमार! JDU ने RJD को दिया जवाब- ट्विटर की नहीं काम की सरकार

'तेजस्वी बिहार' नहीं बढ़ता बिहार, नीतीश कुमार! JDU ने RJD को दिया जवाब- ट्विटर की नहीं काम की सरकार

PATNA : बिहार में पांच महीने पुरानी राजद और जदयू के बीच बने गठजोड़ में आई दरारें और गहराती जा रही हैं। जिस तरह बीते सोमवार को  राजद कोटे से शिक्षा मंत्री बने प्रो. चंद्रशेखर ने अपने ट्वीट में - शिक्षित बिहार और तेजस्वी बिहार  लिखते हुए बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व को सबसे बेहतर बनाने की बात कही थी। अब जदयू ने उस पर पलटवार किया है। जदयू की तरफ से ट्विटर पर पोस्ट किया गया है। जिसमें राजद काल में हुए कार्य से नीतीश सरकार की तुलना करते हुए आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। साथ ही - शिक्षित बिहार और तेजस्वी बिहार का जवाब देते हुए शिक्षित कुमार, शिक्षित बिहार का टैग भी लगाया गया है। 

बीमारी से स्वस्थ होकर लौटे जदयू एमएलसी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने शिक्षा मंत्री के ट्वीट का जवाब उन्हीं के विभाग में नीतीश कुमार के कार्यकाल में हुए कार्य के बारे में बताया है। नीरज कुमार ने  ट्वीट में बिहार में शिक्षा के बजट का जिक्र करते हुए बताया कि 2003-04 में शिक्षा पर सिर्फ 3.74 फीसदी खर्च होता था, 2021-22 में 19.3 फीसदी होता है। इसी तरह उच्च शिक्षा में पंजीकरण करनेवाले छात्रों के अनुपात की जानकारी देते उन्होंने पोस्ट किया है। नीरज कुमार ने बताया कि 2005 में उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर 12 फीसदी छात्र पंजीकरण कराते थे, उस समय बिहार से छह फीसदी पंजीकरण होते थे। जबकि 2020-21 में यह आंकड़ा 19.3 फीसदी है।

शिक्षकों की संख्या के आधार पर भी घेरा

नीरज कुमार ने राजद के कार्यकाल में शिक्षकों की स्थिति को लेकर भी जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि 1996 में 90 छात्रों में 1 शिक्षक था, 2005 में यह और खराब हो गया। 122 बच्चों पर सिर्फ एक शिक्षक था। जबकि उस समय राष्ट्रीय औसत 40 पर एक शिक्षक का था। शिक्षित कुमार के शासन में  2015-16 में यह आंकड़ा 36 बच्चों पर एक शिक्षक का था। जबकि 


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