पंचम वित्त की राशि का हो रहा बंदरबांट, चाहरदीवारी का ठेकेदार बन गया नाजीर, शिकायत पर बीडीओ के बिगड़े बोल- ज्यादा फड़फड़ाइए मत, अंदर करा देंगे

पंचम वित्त की राशि का हो रहा बंदरबांट, चाहरदीवारी का ठेकेदार बन गया नाजीर, शिकायत पर बीडीओ के बिगड़े बोल- ज्यादा फड़फड़ाइए मत, अंदर करा देंगे

KHAGDIYA : पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हो गया है, जिसके साथ ही उनके नाम के साथ मिलनेवाले सारे अधिकार भी समाप्त हो गए हैं। लेकिन खगड़िया के बेलदौर में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद योजनाओं की राशि खर्च किए जा रहे हैं। जिसको लेकर अब ब्लॉक के बीडीओ और प्रखंड प्रमुख के बीच अब लड़ाई तेज हो गई है। प्रखंड प्रमुख विकाश कुमार ने इस मामले में डीएम को पत्र लिखकर शिकायत की है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि पंचम वित्त आयोग मद के क्षमतावर्धन राशि की अवैध निकासी कर प्रखंड कार्यालय की चहारदीवारी का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें बीडीओ साहब प्रखंड प्रमुख को धमकी दे रहे हैं कि वह उन्हें गैर जमानती मामले में फंसा देंगे।

करीब 40 लाख की लागत से किए जा रहे चहारदीवारी निर्माण में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रमुख ने बुधवार को डीएम को आवेदन भेजकर योजना में लूट-खसोट और नियम के विरुद्ध बिना योजना संख्या और बिना बोर्ड लगाए ही बीडीओ द्वारा मनमानी निर्माण कार्य कराने की शिकायत की है। प्रमुख ने डीएम को आवेदन देकर कहा है कि बेलदौर बीडीओ और नाजिर नवीन कुमार की मिलीभगत से पंचम वित्त आयोग की क्षमता वर्धन राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। इस कार्य में नाजिर खुद ठेकेदार हैं। जबकि चार माह पूर्व पंचायत समिति की बैठक में सभी सदस्यों के द्वारा इस कार्य की स्वीकृति दी गई थी। मगर यह कार्य अब शुरू हुआ तो प्रखंड के नाजीर ही इसमें ठेकेदार बन बैठे।

बीडीओ पर लगाया आरोप

प्रमुख विकास कुमार ने कहा, हमारे रीजन में यह काम पास किया गया था। बिना जानकारी बीडीओ और प्रखंड नाजिर की मिली भगत से राशि का बंदरबांट हो रहा है। जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के आंखों में धूल झोंक घटिया मेटेरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है। जानकारी मांगने पर बीडीओ नन बेलेबल केस की धमकी दे रहे हैं। डीएम से शिकायत की गई है।

 बीडीओ की अकड़ कायम

मामले में बीडीओ का पक्ष भी सामने आया है। विवाद पर बेलदौर बीडीओ शशिभूषण कुमार ने कहा कि मामले में हम ज्यादा कमेंट नहीं करना चाहते हैं। वो नगर के हैं, प्रमुख हैं नहीं। ये सबको पता है। फिर प्रमुख की हैसियत से कैसे बात कर रहे हैं। अनुदान मद की राशि से कार्य हो रहा है। कितनी राशि से हैं वो सब हम नहीं बता पाएंगे। 

यह है ऑडियो में हुई बातचीत 

 प्रमुख- जी सर, प्रणाम
 बीडीओ- सुने हैं काम रुकवाने गए हैं?
 प्रमुख- जी, आपसे कल भी बातचीत हुई थी।
 बीडीओ- तो आप पर एक नन बेलेबल केस ठोक रहे हैं, आप काम रोक रहे हैं तो आप समझिए।
 प्रमुख- हम जानकारी लेंगे ना कि कौन योजना से है, वहां बोर्ड भी नहीं है।
 बीडीओ- बोर्ड नहीं है तो बैठ के ना बात कीजिएगा,... कि काम रोक दीजिएगा।
 प्रमुख- बैठना क्या है, पहले बोर्ड लगाइए फिर काम कीजिए। सब लोग जानेंगे ना कि कैसे काम हो रहा है।
 बीडीओ- आप कौन होते हैं पूछने वाले, अब आप कौन हैं, बताइए हमको?
 प्रमुख- ये मेरे रीजन का है, मेरे ही स्वीकृति का ना काम हो रहा है।
 बीडीओ- आप कौन हैं? आपका स्वीकृत किया हुआ है, नन बेलेबल केस में फंसिएगा ना तब समझ में आएगा।
 प्रमुख- अब आप मनमानी कर रहे हैं। हम तो सोचे आप इसमें नहीं हैं, लेकिन आपके बातचीत से लग रहा है आप भी इस धांधली में शामिल हैं।
 बीडीओ- आपको सरकारी काम के बाधा देने का केस डाल देंगे, आपको कहे थे न हमारे उपर के अधिकारी से बात कीजिए।
 प्रमुख-पदाधिकारी से तो बात किए, कहा गया बोर्ड नहीं लगाया गया तो दिक्कत की बात है, ये गलत है।
 बीडीओ- आप समझिए, रंगदारी कर रहे हैं।
 प्रमुख- योजना की जानकारी मांग रहे हैं। रंगदारी कहां कर रहे हैं? आप तो गार्जियन हैं आपको जानकारी देना चाहिए।
 बीडीओ-आने वक्त भी हम आपकी रंगदारी नहीं सुने और जाने वक्त ही नहीं सुनेंगे। यदि काम रोकवाते हैं तो हम आप पर नन बेलेबल केस ठोकवा ही देते हैं।
 प्रमुख- ठीके है।

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