BIHAR NEWS : स्कूल में शिक्षकों के नदारद रहने से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जमकर किया हंगामा

BIHAR NEWS : स्कूल में शिक्षकों के नदारद रहने से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जमकर किया हंगामा

SUPAUL : सरकार हमेशा स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश पदाधिकारियों को देती रहती है। लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ अलग होती है। कुछ ऐसा ही हाल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत गोनाहा पंचायत वार्ड नम्बर 4 में मध्य विद्यालय गोनाहा का है। बताया जाता है कि मध्य विद्यालय गोनाहा तो मात्र शिक्षकों और बच्चों की हाजिरी बनने के लिए खुलता है। एक-दो घंटे के बाद पुनः बंद हो जाता हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि स्कूल प्रतिदिन समय से नहीं खुलता हैं। 

स्कूल में बच्चों को एमडीएम का चावल अभी तक नहीं मिल रहा है। स्कूलों में चावल सड़ रहा हैं। इसको देखने वाला कोई नही है। इस मामले को लेकर सैकड़ो ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंच कर हो हंगामा किया। शिकायत पर जब नवनिर्वाचित जिला परिषद अरूण कुमार उर्फ लल्लु यादव पहुंच कर स्कूलों का जायजा लिया तो ग्रामीणों की शिकायत सही निकली। जिला परिषद सदस्य ने स्कूल की हालत देख गहरी नराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि इस क्षेत्र में अधिकांश सरकारी विद्यालयों की यही स्थिति है। कई बार शिक्षकों को भी इत्तला किया गया। लेकिन शिक्षक आदत से बाज नहीं आते हैं। 

शिक्षा विभाग को भी कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया। लेकिन फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। विभाग के इस रवैये से बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। मौके पर पहुंचे शिक्षक सुभाष चंद पंकज से जब हमारे संवाददाता ने पुछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा की इस विद्यालय में छः शिक्षक है। हेडमास्टर का तबियत ठीक नहीं है। उन्होंने चार्ज किसी को नही दिया। स्कूल में सिर्फ हम अकेले है। इस तरह का रवैया देखकर त्रिवेणीगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जाता है कि त्रिवेणीगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बैसाखी के सहारे चल रहे हैं। जिसके कारण स्कूल में यह व्यवस्था देखने को मिल रहा है। 

सुपौल से पप्पू आलम की रिपोर्ट 

Find Us on Facebook

Trending News