यूपी के कारा में बंद कुख्यात जेल से चला रहा है रंगदारी का कारोबार, दो बदमाशों की गिरफ्तार से हुआ खुलासा, एसपी ने कहा - जल्द ही होगी सफेदपोशों पर बड़ी कार्रवाई

यूपी के कारा में बंद कुख्यात जेल से चला रहा है रंगदारी का कारोबार, दो बदमाशों की गिरफ्तार से हुआ खुलासा, एसपी ने कहा - जल्द ही होगी सफेदपोशों पर बड़ी कार्रवाई

सूबे में अपराध में लगातार वृद्धि सुशासन बाबू के सरकार पर कई सवालिया निशान पैदा कर रहे हैं। हत्या, लूट, रंगदारी जैसे कई मामले दिन प्रतिदिन सामने आते ही रहते हैं। नतीजतन राज्य वासियों के अंदर ऐसी घटनाएं खौफ के साए में जीने को विवश करती है। हालांकि पुलिस भी हर कदम पर इनसे निपटने को लेकर मुस्तैद रहने का दावा भी करती रहती है। मगर आए दिन हो रहे हैं ऐसी घटनाओं की वृद्धि को देखते हुए दावों में कितना दम है, सामने नजर आता है। ऐसा ही एक मामला बक्सर जिले का कुख्यात संदीप यादव को बक्सर से उत्तर प्रदेश शिफ्ट किया गया था। जो अभी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जेल में कई संगीन जुर्मो में बंद है। जो कि जेल के अंदर ही बैठे कुछ सफेदपोशों के दम पर रंगदारी का कारोबार फैलाने में जुटा हुआ है। 

बक्सर एसपी ने किए कई बड़े खुलासे, कहा जेल से मांगी गई रंगदारी मामले में नहीं बचेंगे सफेदपोश

जिसका खुलासा करते हुए बक्सर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मामले में बड़ी जानकारी देते हुए स्पष्ट शब्दों में बताया कि, उत्तर प्रदेश जेल में बैठे संदीप यादव व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए रंगदारी का कारोबार फैला रहा था। जिसके अंतर्गत बक्सर के एक व्यवसाई से उसने रंगदारी मांगी थी। जिसकी शिकायत नगर थाने में व्यवसाई द्वारा दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को आंकते हुए पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित कर महज 24 घंटे के अंदर उस तार से जुड़े उसके दो गुर्गे को मुफस्सिल थाना के चौसा से धर दबोचा।

संदीप यादव के इशारे पर बड़ी घटना को अंजाम देने की थी तैयारी 

एसपी ने बताया कि जेल में बंद संदीप यादव के इशारे पर इसी रंगदारी मामले में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। साथ ही उन्होंने बताया कि इन दोनों अपराधियों से पुलिस को काफी कई अहम सुराग मिले हैं। जिसमें कुछ सफेदपोशो की संलिप्तता भी सामने आई है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बहुत जल्द ही उन्हें भी सामने लाया जाएगा और उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

गौरतलब है कि जेल में लगातार रूटीन छापेमारी के बाद भी अपराधियों के पास मोबाइल पहुंचना और उसके द्वारा अपने मंसूबों को अंजाम देते रहना प्रशासनिक लापरवाही को खुलेआम उजागर कर रहा है। बहरहाल, अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस द्वारा ऐसा कौन सा कदम उठाया जाता है ताकि अपराधी संदीप यादव द्वारा जेल में बैठे व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए कई बार अपराधिक वारदातों का अंजाम देने से जो सवाल" पुलिस प्रशासन" के ऊपर कई सवाल पैदा कर रहे हैं। जेल प्रशासन भी इस तरह की घटनाओं से सवालों के कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है।

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