सेंट्रल यूनिवर्सिटी जमीन घोटाले की जांच हो गयी धीमी,कहीं बड़ी मछली को बचानें की चाल तो नहीं?

सेंट्रल यूनिवर्सिटी जमीन घोटाले की जांच हो गयी धीमी,कहीं बड़ी मछली को बचानें की चाल तो नहीं?

MOTIHARI : बिहार के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी के जमीन घोटाले में कार्रवाई धीमी हो गई है। करोड़ों के फर्जीवाड़े मामले में दिसम्बर 2018 में ही 2 सरकारी कर्मी सहित कई आरोपी हवालात भी भेजे गए थे। मुख्य आरोपी ने एक बड़े अधिकारी की भूमिका को उजागर किया था। खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमें में खलबली मची थी। जानकार बताते हैं कि करोड़ो के फर्जीवाड़े मे जांच की आंच एक बड़े अधिकारी तक पहुंची। इसके बाद पूरे सिस्टम की तरफ से अचानक चुप्पी साध ली गई।

आरोपी ने एक बड़े अधिकारी पर किया था बड़ा खुलासा

मुख्य आरोपी जयकिशुन तिवारी ने मोतिहारी के कोर्ट मे सरेंडर के दौरान जिले के एक बड़े अधिकारी को सीधे तौर पर इस साजिश में शामिल बताया था। साथ ही यह भी आरोप लगाया था कि फर्जीवाड़े की राशि उक्त अधिकारी के यहां भी जाती थी। आरोपी के खुलासे के बाद सरकारी महकमें में सनसनी फैल गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को रिमांड़ पर लेकर पूछताछ भी की। जानकार बताते हैं कि आरोपी ने पुलिस के समक्ष भी उक्त अधिकारी का नाम लिया था। बावजूद इसके करोड़ो के फर्जीवाड़े में आरोपी के खुलासे के बाद भी पुलिस ने आगे की कार्रवाई नहीं की।

इस मामले में केस की निगरानी कर रहे एएसपी ने फर्जीवाड़े की बात को सही मानते हुए सभी नामजद आरोपियों पर केस ट्रू कर दिया, साथ हीं सभी के गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। इस मामले में जयकिशुन तिवारी, राजस्व कर्मचारी उमेश सिंह सहित चार लोगों को दिसम्बर 2018 में हीं जेल भेज दिया गया था। बाकी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए गए थे। हालांकि जांच अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच आगे भी जारी है। साक्ष्य के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

क्या था मामला

मामला केंद्रीय विवि मोतिहारी के जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। अधिग्रहण में फर्जी तरीके से तीन करोड़ पांच लाख रुपये की निकासी कर ली गई थी। निकासी का आरोप जयकिशुन तिवारी पर लगा था। इसी के खाते में जालसाजी का एक करोड़ 30 लाख और रक्सौल के रहनेवाले अरविन्द सिंह के खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया। जांच में यह पता चला कि फर्जी तरीके से जमीन के दस्तावेज और लगान रशीद बनवाए गए। मामले के खुलासे के बाद  भू-अर्जन पदाधिकारी अजीत कुमार ने जालसाज सुकदेव साह, जयकिशुन तिवारी और अरविन्द सिंह को नामजद करते हुए नगर थाना में 25 नवम्बर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट

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