मुख्यमंत्री ने नाम पर चल रही योजना में भी बंदरबांट : बिना काम कराए ही कर ली लाखों रुपए की निकासी, गड़बड़ी सामने आई तो खानापूर्ति में जुटे अधिकारी

मुख्यमंत्री ने नाम पर चल रही योजना में भी बंदरबांट : बिना काम कराए ही कर ली लाखों रुपए की निकासी, गड़बड़ी सामने आई तो खानापूर्ति में जुटे अधिकारी

SUPOUL/TRIVENIGANJ :- प्रखंड की कोरियापट्टी पंचायत में विकास योजनाओं में राशि गबन का मामला उजागर हुआ है। सात निश्चय मुख्यमंत्री गली-नली योजना से जुड़ा हुआ है, जिसमें गांव में न तो न नाली का निर्माण किया गया और न सड़क का पक्कीकरण कराया गया, लेकिन इस योजना से होनेवाले कार्य की पूरी राशि की निकासी जरुर करवा दी गई। मामला सामने आने के बाद अब अधिकारी खानापूर्ति के लिए जांच की बात कर रहे हैं।

बताया गया कि प्रखंड की कोरियापट्टी पंचायत में  सात निश्चय मुख्यमंत्री गली-नली योजना के तहत वार्ड नंबर-09 में खूंट गांव के मुख्य सड़क  से लेकर हरिनंदन मल्लाह के घर तक मिट्टी भराई एवं सड़क पक्कीकरण का कार्य योजना संख्या-02-2019-2020 के प्राक्कलित राशि 3,16,200 रुपया मद से 170 फीट लम्बा एवं 9 फीट चौड़ा 15.02.2020 तक में किया जाना था, जो ग्रामीणों के द्वारा बताया जा रहा है कि सड़क की पक्कीकरण आज तक नहीं हुआ और राशि का निकासी वार्ड क्रियान्वयन समिति के द्वारा कर ली गई है। ग्राम पंचायत कोरियापट्टी पश्चिम के वार्ड नंबर-09 में ही योजना संख्या-01-2019- 20 के द्वारा खूँट गांव के मुख्य सड़क से लेकर परमेश्वरी रजक के घर तक मिट्टी भराई एवं पक्कीकरण कार्य प्राक्कलित राशि 6,23,600₹ की मदद से 300 फीट लम्बाई एवं 10 फीट चौड़ा होनी थी, जो आज तक ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है, राशि का निकासी वार्ड क्रियान्वयन समिति के द्वारा कर ली गई है। 

अब मामला सामने आने के बाद  खूंट गांव के कई बुद्धिजीवी एवं  युवाओं ने डीएम,एसडीओ,तथा डीडीसी को इमेल व वाटस्प से शिकायत कर सड़क निर्माण राशि के घोटाले में संलग्न व्यक्ति के ऊपर कानूनी-कार्रवाई करने एवं राशि की वसूली करने का अनुरोध किया है। जिसका खबर न्युज4नेशन से प्रमुखता से प्रकाशित किया, खबर देखते ही प्रतिनिधि व अधिकारी की नींद खुली और आनन फानन में उसी सड़क पर ईंट सोलिंग किया जा रहा है।  इन योजनाओं में हुए कार्य को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि सरकारी पैसा का पूरी तरह दुरुपयोग किया गया है, जबकि इस का जांच के लिए बीपीआरो रुपेश कुमार ने स्थल जांच की मामले के लेकर बीपीआरओ ने बताया कि सड़क की जांच की जा रही है। 

वार्ड सदस्य ने कहा लड़ाई के कारण कार्य बंद था अब सवाल उठता है कि अगर लड़ाई के कारण कार्य बंद था तो पैसा पूरा का पूरा निकासी कैसे कर लिया। इसकी जानकारी प्रखंड मुख्यालय को क्यों नहीं दिया, मालूम हो कि बीपीआरओ के आने के बाद सड़क पर ईंट बिछाना शुरू कर दिया, आखिरकार किसके इशारे पर 2019 में स्वीकृत योजना को  2021 में करवाया जा रहा है जबकी राशि का उठाव 2019 में कर लिया, इतनी अनियमितता के बाद भी पदाधिकारी स्थल जांच करने के बावजूद भी किसी वार्ड सदस्य या मुखिया पर कार्रवाई क्यों नहीं की ।


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