डेढ़ करोड़ के लिए छात्र का हुआ था अपहरण, टीवी सीरियल की कहानी की तरह कुछ घंटे में किडनैपरों तक पहुंची क्राइम ब्रांच

डेढ़ करोड़ के लिए छात्र का हुआ था अपहरण, टीवी सीरियल की कहानी की तरह कुछ घंटे में किडनैपरों तक पहुंची क्राइम ब्रांच

KANPUR : जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र से जासूसी टीवी सीरियल की कहानी की तरह क्राइम ब्रांच ने 15 साल के एक छात्र के अपहरण की गुत्थी सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने न सिर्फ छात्र को सकुशल बरामद किया है, बल्कि उसका अपहरण करने की साजिश रचनेवालों को भी गिरफ्तार किया है। 

सचेंडी थाना क्षेत्र में कला का पुरवा निवासी किसान दीपेंद्र सिंह का 15 वर्षीय बेटा वैभव सिंह चंदेल शुक्रवार शाम सुंदर नगर स्थित महिंद्रा क्लासेस में ट्यूशन पढऩे आया था। शाम को जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों को चिंता हुई। परिवार वाले रात भर उसे तलाशते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला। सुबह होने पर स्वजन ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने शुरू की जांच, साइकिल का पंचर बनानेवाले से मिला अहम सुराग

अपहरण की शिकायत के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू की। शनिवार सुबह करीब 7:00 बजे पुलिस को अपहृत वैभव की साइकिल पनकी क्षेत्र में एक गुमटी के बाहर खड़ी मिली। लगभग नौ बजे साइकिल बनानेवाला अपनी दुकान पर पहुंचा।  जहां पुलिस ने उससे बरामद साइकिल को लेकर पूछताछ की तो किडनैपरों को लेकर एक बड़ा सुराग हासिल हुआ। 

अपहरण में इस्तेमाल गाड़ी का मिला नंबर

साइकिल बनानेवाले ने पुलिस को बताया कि एक सफेद रंग की स्कार्पियो कार से कुछ लोग आए थे उनमें से ही एक ने यहां साइकिल खड़ी कर दी थी। उसने कहा था कि वह कुछ देर में लौट कर आ रहा है। बाद में साइकिल ले जाएगा गुमटी वाले को कुछ शक हुआ तो उसने स्कार्पियो का नंबर नोट कर लिया।

गाड़ी नंबर से पहुंचे किडनैपरों तक

साइकिल बनानेवाले से मिली जानकारी के आधार पर जब क्राइम ब्रांच ने उक्त गाड़ी नंबर की जांच की तो पता चला कि यह दीपेंद्र सिंह के किसी रिश्तेदार का है। इसके बाद पुलिस ने दीपेंद्र के परिवार वालों की मदद से उक्त रिश्तेदार के मोबाइल नंबर जब सर्विलांस पर उन नंबरों को डाला गया तो सामने आया कि अपहृत वैभव और रिश्तेदारों के मोबाइल की लोकेशन एक ही दिशा में जा रही है। पुलिस को वैभव की लोकेशन बांदा के आसपास मिली। 

क्राइम ब्रांच बांदा के लिए रवाना की गई। शाम करीब 7:00 बजे कमिश्नरेट पुलिस ने बांदा में छापा मारकर वैभव को मुक्त करा लिया। उसे अपहरणकर्ताओं ने बुरी तरीके से पीटा था और हाथ पैर बांधकर गाड़ी में ही डाला हुआ था।

1.5 करोड़ रुपए के लिए हुआ था अपहरण

पुलिस आयुक्त असीम अरुण के मुताबिक जांच में सामने आया है कि दीपेंद्र सिंह ने हाल ही में लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की जमीन बेची है। वह मूल रूप से बांदा के ही रहने वाले हैं। बांदा निवासी उनके एक रिश्तेदार को इसकी भनक थी। डेढ़ करोड़ की फिरौती वसूली की योजना बनाकर रिश्तेदार ने ही अपहरण की साजिश रची। पुलिस ने रिश्तेदार और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।


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