जातिगत आरक्षण को लेकर गठित कमेटी विश्वसनीय नहीं, न्यायिक कमेटी का गठन करे सरकार, BJP ने दिया अल्टीमेटम

जातिगत आरक्षण को लेकर गठित कमेटी विश्वसनीय नहीं, न्यायिक कमेटी का गठन करे सरकार, BJP ने दिया अल्टीमेटम

PATNA : बिहार में एक तरफ नगर निकाय चुनाव समय पर नहीं कराने और छह माह तक प्रशासक तक की नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। वहीं दूसरी तरफ अब भाजपा ने जातिगत आरक्षण को लेकर नीतीश कुमार द्वारा गठित आयोग पर सवाल उठा दिया है। भाजपा के विप के नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कहा कि समिति में ऐसे लोगों को चुना गया है। जो नीतीश कुमार के पार्टी से जुड़े हैं और उनके लिए ज्यादातर वफादार हैं। ऐसे में जातिगत आरक्षण को बनाई जा रही रिपोर्ट की विश्वनियता पर सवाल उठता है कि क्या यह पूरी तरह से पारदर्शी होगा। 

सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जिद के कारण बिहार की राजनीति के साथ मजाक कर रहे हैं। अक्टूबर माह में ही हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बिहार सरकार और निर्वाचन आयोग ने चुनाव को सिर्फ स्थगित किया गया, रद्द नहीं किया गया। जिसके कारण आज भी नगरों में आचार संहिता लागू है। जबकि चुनाव को रद्द करना चाहिए। लेकिन मौजूदा सरकार की मंशा इसी नोटिफिकेशन पर चुनाव कराने का है। जबकि अभी कमिटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं दी है।

आयोग विश्वसनीय नहीं

सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के आयोग  को लेकर कहा कि यह विश्वसनीय नहीं है। क्योंकि आयोग के सभी सदस्य राजद और जदयू से जुड़े हैं। दोनों पार्टियों से जैसा आदेश जारी होगा, आयोग उसी आधार पर अपनी रिपोर्ट देगा। अभी तक आयोग के किसी सदस्य ने अपना इस्तीफा नहीं दिया है।

ज्यूडशरी कमीशन का हो गठन

सम्राट चौधरी ने सरकार को अल्टीमेटम देते  हुए कहा कि जातिगत आरक्षण से लिए बिहार सरकार न्यायिक  समिति गठित करे, जिसके रिपोर्ट पर चुनाव में आरक्षण तय किए जाएं। सम्राट चौधरी ने इसके लिए नीतीश सरकार को आगामी 13 दिसंबर तक की मोहलत देने की बात कही। 

निर्वाचन आयोग पर साधा निशाना

निकाय चुनाव को लेकर सम्राट चौधरी ने बिहार के निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट से ट्रिपल टी टेस्ट का रिपोर्ट आए बगैर ही फैसला ले लिया गया। आयोग ने हाईकोर्ट के आदेश का भी दरकिनार कर दिया। मेरी मांग है कि निकाय चुनाव को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की जगह उसे रद्द किया जाए और उसके बाद नए सिरे से चुनाव को लेकर नोटिफिकेशन जारी करे।


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