डिप्टी सीएम के जिले का हाल : स्कूल को बना दिया शराब की बोतल फेंकने का अड्डा, बगल में जिले के डीएम का कार्यालय, फिर भी...

डिप्टी सीएम के जिले का हाल : स्कूल को बना दिया शराब की बोतल फेंकने का अड्डा, बगल में जिले के डीएम का कार्यालय, फिर भी...

KATIHAR :  बिहार में शराबबंदी को छह साल का समय गुजर चुका है। फिर भी इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है। हद तो तब हो जाती है, जब शराब पीनेवाले लोग शिक्षा के मंदिर को भी नहीं छोड़ते हैं और उसे भी नशे का अड्डा बना देते हैं। बिहार के डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद के गृह जिले कटिहार से भी ऐसे ही एक शिक्षा के मंदिर की कुछ तस्वीरें सामने आई है। जिसे शराबियों ने अपने शौक पूरा करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, बल्कि पार्टी खत्म होने के बाद खाली शराब की बोतलें भी स्कूल परिसर में ही फेंक देते हैं। यह स्थिति तब है जब उस स्कूल परिसर में प्रखंड के बीईओ का कार्यालय है। वहीं उसके ठीक बगल में समाहरणालय है।

जिस स्कूल  के बारे में यहां जिक्र किया गया है। वह कटिहार में संचालित हरी शंकर नायक मध्य विद्यालय है। जिसे आजकर बच्चों की पढ़ाई के साथ कचरा डंपिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। स्कूल के परिसर में आसपास के दुकानदार अपना कचरा तो फेंकते हैं ही। हद तो तब हो जाती है, जब इन कचरों में शराब की बोतलें नजर आने लगती है। स्कूल के प्राचार्य सुबोध कुमार का कहना है कि यह यहां हर रोज की बात हो गई है। उनका कहना है कि हर दिन विद्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें और रैपर गिरा हुआ रहता है, जिसे उन लोगों को ही साफ करना पड़ता है।

स्कूल बंद होने के बाद होती है पार्टी

सुबोध कुमार ने बताया कि स्कूल शाम चार बजे बंद हो जाता है। उसके बाद यहां स्थानीय लोग देर रात तक पार्टी मनाते हैं।   जिस कारण बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतल के साथ साथ डिस्पोजल ग्लास,थाली सब कुछ प्रायः विद्यालय परिसर में ही मिल जाता है, जिससे विद्यालय के छात्र-छात्राओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि विद्यालय परिसर में बीईओ का दफ्तर है। बगल में डीएम का ऑफिस है। लेकिन इसके बाद भी शहर के बीचोबीच विद्यालय को मयखाना बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस पर रोक लगाने के लिए विभाग से कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही विद्यालय में रात में सिक्योरिटी गार्ड रखे जाने की मांग की गई है।


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