स्वतंत्रता दिवस पर जिले को मिलेगा ऑक्सीजन प्लांट का तोहफा, डीएम ने निरीक्षण के बाद दी जानकारी, कहा - अब नहीं होगी परेशानी

स्वतंत्रता दिवस पर जिले को मिलेगा ऑक्सीजन प्लांट का तोहफा, डीएम ने निरीक्षण के बाद दी जानकारी, कहा - अब नहीं होगी परेशानी

KHAGDIYA :  खगड़िया के डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने खगड़िया सदर अस्पताल में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट की निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कि प्लांट को जल्द शुरू कर दिया जायगा। डीएम ने बताया कि सदर अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में अगले माह तक सीटी स्कैन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। 

प्लांट के लिए लगाया गया ट्रांसफॉर्मर

डीएम ने बताया कि सदर अस्पताल में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त तक इसे शुरू करने की योजना है। जो स्वतंत्रता दिवस पर सरकार की तरफ से जिले के लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि प्लांट में फिलहाल प्लांट में निर्बाध बिजली सेवा के लिए जेनरेटर सहित विद्युत ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम किया जा रहा है।

सिर्फ 800 में सीटी स्कैन

सदर अस्पताल में इंस्टॉल किये जा रहे सीटी स्कैन से होनेवाले जांच के लिए दर भी तय कर दी गई है। बताया जा रहा है जांच के लिए मरीजों को सिर्फ 800 ₹ ही चुकता करना होगा। फिलहाल युद्धस्तर पर लैब स्थापित करने की  तैयारी चल रही है।  वहीं मरीजों को किसी प्रकार का खतरा न हो, इसके लिए रेडिएशन फ्री कमरा भी तैयार किया जा रहा है।  खगड़िया डीएम ने बताया कि सदर अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा शुरू होने के बाद जिले के लोगों को जांच के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर तक सीटी स्कैल की सुविधा लोगों को मिलनी शुरु हो जाएगी। इससे पहले भी डीजीटल एक्स रे जाचं की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।


इनमें सुधार की जरुरत

जहां अस्पताल में प्रशासन की तरफ से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। वहीं अस्पताल में अब भी बहुत सुधार की जरुरत है। अस्पताल में कुल 18 एंबुलेंस हैं, जिनमें 17 चालू हालत में हैं। लेकिन, इनमें से किसी में एसी की सुविधा नहीं है। मतलब गंभीर मरीजों को इसमें ले जाना मुश्किल है। इसी तरह शवों को लाने ले जाने के लिए सिर्फ एक एम्बुलेंस की सुविधा है। पांच साल से एजेंसी की तरफ से इसी एम्बुलेंस से काम चलाया जा रहा है। इसी तरह कोरोना मरीजों के लिए अब तक अलग से एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई है। 

सिर्फ 37 प्रकार की दवाई उपलब्ध

सिर्फ खराब यहां मरीजों को मिलनेवाली दवाइयों की है। जानकारी के अनुसार यहां मरीजों के लिए सिर्फ 37 प्रकार की दवा उपलब्ध है। जिसके कारण यहां भर्ती मरीज ज्यादातर दवाएं बाहर से खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। इसी प्रकार तीन साल से यहां अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स रे बंद है। हालांकि राहत की बात है कि ब्लड और अन्य जांच के लिए पैथोलॉजी लैब अभी काम कर रहे हैंं


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