नियोजन नियमावली के ड्राफ्ट पर नियोजित शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति, कहा पुनर्विचार करे राज्य सरकार

नियोजन नियमावली के ड्राफ्ट पर नियोजित शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति, कहा पुनर्विचार करे राज्य सरकार

PATNA : विगत दिनों में सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रही बिहार प्रारम्भिक शिक्षक नियोजन नियमावली के ड्राफ्ट पर शिक्षकों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट ने सम्बन्धित ड्राफ्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे शिक्षकों के नैसर्गिक अधिकारों को छीनने वाला नियमावली बताया है। 

संघ के प्रदेश अध्यक्ष मारकंडेय पाठक एवं प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पाण्डेय ने कहा कि अगर ड्राफ्ट को माने तो इस ड्राफ्ट के 2 से 3 बिंदु ही शिक्षकों के हित मे है बाकी बिंदुओं पर शिक्षकों के अधिकारों का हनन ही किया गया है। उन्होंने आगे विस्तृत रूप से बताया कि एक ओर ऑनलाइन केंद्रीयकृत आवेदन लेने की प्रक्रिया स्वागतयोग्य कदम है। साथ ही 10 वर्ष, 20 वर्ष एवं 30 वर्ष की सेवा पर देय वित्तीय उन्नयन का फैसला भी स्वागतयोग्य कदम है। समान ग्रेड पर भी वेतन संरक्षण का लाभ देने का हम स्वागत करते है। 

लेकिन परन्तु दूसरी ओर वर्तमान नियमवली के आलोक में स्नातक ग्रेड के शिक्षकों को पदोन्नति जैसे नैसर्गिक अधिकारों से वंचित रखना, स्थानांतरण जैसे सुविधाओ को गौण करना कही से भी शिक्षकों के हित मे नही है। इतना ही नही सभी विभागों के कर्मियों को उनके अर्जितवकाश के बदले राशि दी जाती रही है। लेकिन शिक्षकों के साथ इस प्रावधान को समाप्त करना कही न कही से स्थानीय निकायों के शिक्षकों के साथ छल है। 

साथ ही पेंशन औऱ ग्रेच्युटी जैसे अहम बिंदुओं पर भी कोई विचार नही किया गया है। हम सरकार से यह मांग करते है कि नई नियमावली पर पुनर्विचार करे तथा शिक्षकों को उनका संवैधानिक अधिकार प्रदान करें। अन्यथा संगठन चुप्प नही बैठेगा एवं संघर्ष के लिए बाध्य होगा।

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