महाशिवरात्रि पर कुंभ का पहला शाही स्नान, संतों सहित श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

महाशिवरात्रि पर कुंभ का पहला शाही स्नान, संतों सहित श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

DESK: महाशिवरात्रि के पावन मौके पर हरिद्वार में महाकुंभ का पहला शाही स्नान आयोजित किया गया. शाही स्‍नान की शुरुआत में जूना अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा और किन्नर अखाड़ा के करीब 22 लाख संतों ने पौड़ी ब्रह्मकुंड में डुबकी लगाई. इसके बाद भी पूरे दिन यह शाही स्नान जारी रहेगा. अलग अलग अखाड़ों के शाही स्नान के लिए वक्त निर्धारित किया गया है. संतों के शाही स्नान के बाद आम जनता को भी कुंभ में स्नान और आस्था की डुबकी का मौका मिलेगा. 

वहीं हरिद्वार के साथ ही पूरे देश में महाशिवरात्रि की धूम है. भगवान शिव को समर्पित मंदिरों में खास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. केदारनाथ, उज्जैन महाकाल सहित सभी 12 ज्योतिर्लिगों की छटा देखते ही बन रही है. इस खास मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी हैं.

महाकुंभ के पहले स्‍नान को लेकर हरिद्वार पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है. कोरोनावायरस को लेकर कुंभ मेले पर पहले संशय बना हुआ था, मगर अब पूरी सतर्कता के साथ इसका आयोजन किया गया है. महाकुंभ के शाही स्नान को देखते हुए सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं. किसी भी तरह की भगदड़ की घटना से बचने के लिए चप्‍पे- चप्‍पे पर पुलिस की तैनाती की गई है. शाही स्नान को लेकर 

बता दें कि हरिद्वार कुंभ में महाशिवरात्रि के अवसर पर शुरू हो चुके शाही स्नान को लेकर राज्य सरकार ने पहले ही एसओपी जारी कर दिया है. एसओपी के मुताबिक, शाही स्नान के लिए कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट और हेल्थ सर्टिफिकेट लाना जरूरी होगा. इसके बिना हरिद्वार में एंट्री नहीं मिलेगी. राज्य सरकार की एसओपी 12 मार्च तक लागू रहेगी. श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए स्नान घाटों पर भंडारे पर रोक रहेगी. यही नहीं, भीड़ लगाकर भजन गाने पर भी मनाही है. अगर किसी भी श्रद्धालु या फिर यात्री ने नियमों का उल्लंघन किया तो आपदा प्रबंधन महामारी एक्ट के तहत उस पर एक्शन लिया जाएगा.


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