स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर जाप छात्र परिषद् का उग्र प्रदर्शन, नेम प्लेट को तोड़ा

स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर जाप छात्र परिषद् का उग्र प्रदर्शन, नेम प्लेट को तोड़ा

PATNA : अभी-अभी राजधानी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के आवास पर जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं  द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने पांडेय के आवास पर जमकर तोड़फोड़ भी की है। 

जाप छात्र परिषद के ये सदस्य प्रदेश के तीन जिलों में चमकी बुखार से हुई बच्चों की मौत को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। आक्रोशित कार्यकर्ताओं का कहना है कि 60 बच्चों की मौत और बीमारी जब महामारी का रुप ले चुकी है तब स्वास्थ्य मंत्री की नींद टूटी है। 

बता दें कि प्रदेश के मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर जिले में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानि एईएस का कहर लगातार जारी है। सरकारी आंकड़े इस अबतक 55 बच्चों की मौत इस बीमारी से बताई जा रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि जानलेवा बीमारी से अबतक 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में आठ और बच्चों ने दम तोड़ दिया है।वहीं, 23 नये बच्चे मुजफ्फरपुर के SKMCH और केजरीवाल अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। जबकि कई बच्चेपहले सेअस्पताल में भर्ती हैं।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय आज AES पीड़ित बच्चों का हालचाल जानने आखिरकार मुजफ्फरपुर पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने एसकेएमसीएच का दौरा किया, जहां उन्होंने चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों का हालचाल की जानकारी ली। 

अस्पताल का दौरा किये जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल द्वारा बच्चों के इलाज उनकी देखरेख पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि बीमार बच्चों का बेहतर ढंग से इलाज चल रहा है। बीमार बच्चों के हालत में सुधार हो रहा है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने बताया है कि तकरीबन 27 बच्चों के हालत में बेहतर सुधार है और उन्हें कल शनिवार तक डिस्चार्ज कर दिया जायेगा। 

मंगल पांडेय ने कहा कि इस बीमारी को लेकर सरकार भी चिंतित है। बीमारी की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे है। एसकेएमसीएच को 6 अतिरिक्त एंबुलेंश उपलब्ध करा दिये गये है। ये एंबुलेंस 24 घंटे कार्यरत रहेगा। जहां भी इस बीमारी बच्चे की ग्रस्त होने की सूचना मिलेगी, तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कर उचित इलाज किया जायेगा।  

गौरतलब है कि इस बीमारी के कहर को देखते हुए बुधवार और गुरुवार को सात सदस्यीय केंद्रीय जांच टीममुजफ्फरपुर के दौरे पर थी। दो दिनों तक जांच करने के बाद केन्द्रीय टीम लौट चुकी है। अब सबकी नजरें इस टीम की रिपोर्ट पर लगी हुई हैं कि कौन से कारण हैं जो इन इलाकों में ही ये बीमारी हो रही है और इसका निदान क्या है।

देवांशु प्रभात की रिपोर्ट

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