कदमकुुआं वेंडिंग जोन का टेंडर रद्द होने पर हाईकोर्ट ने जताई हैरानी, राज्य सरकार से पूछा - नगर निगम स्वायत संस्था है तो दूसरे विभाग कैसे दे सकते हैं इसके काम में दखल

कदमकुुआं वेंडिंग जोन का टेंडर रद्द होने पर हाईकोर्ट ने जताई हैरानी, राज्य सरकार से पूछा - नगर निगम स्वायत संस्था है तो दूसरे विभाग कैसे दे सकते हैं इसके काम में दखल

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने कदमकुआं वेंडिंग जोन के निर्माण बंद होने के मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को बताने को कहा कि कब तक टेंडर निकालने की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। डॉ. आशीष कुमार सिन्हा की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को ये बताने  कहा कि वेडिंग जोन निर्माण कब तक पूरा हो जाएगा। 

कोर्ट ने पिछली सुनवाई में जानना चाहा था कि   राज्य के नगर विकास और आवास विभाग ने इस योजना को कैसे रोक दिया। इस दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम स्वायत्त संस्था हैं,जिसे संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि किसी निर्माण के लिए नगर निगम को बुडको की सहमति क्यों लेने की जरूरत है।हाईकोर्ट ने जानना चाहा कि जब नगर निगम स्वायत्त संस्था हैं और उसकी वित्तीय स्वतंत्रता हैं,इन सरकारी विभागों को टेंडर रद्द करने का क्या अधिकार हैं।


दरअसल,  पटना नगर निगम द्वारा एक जवाबी हलफनामा दाखिल करके बताया गया था कि कदमकुआं वेंडिंग जोन निर्माण को लेकर जारी टेंडर को नगर विकास व आवास विभाग द्वारा रद्द कर दिया गया है। रद्द करने का कारण बताया गया था कि पटना नगर निगम दो करोड़ रुपए से अधिक का टेंडर निकालने के लिए अधिकृत नहीं है, इसे बुडको की सहमति से ही कि जा सकती है। खण्डपीठ ने कहा है कि पटना नगर निगम एक ऑटोनॉमस बॉडी है, जिसका एक संवैधानिक स्टेटस भी है, इस स्थिति में एकतरफा इस तरह का आदेश कैसे दिया जा सकता है। 

याचिकाकर्ता की अधिवक्ता मयूरी द्वारा खण्डपीठ को बताया गया कि शहरी विकास और आवास विभाग द्वारा सिर्फ टेंडर को ही रद्द नहीं किया गया है बल्कि जल आपूर्ति और प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग के लिए निर्माण के संबंध में टेंडर समेत 8 अन्य टेंडर को भी इसी आधार पर रद्द कर दिया गया है।

अब दो सप्ताह बाद होगी सुनवाई

मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपना जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। दो सप्ताह बाद होनेवाले सुनवाई में सरकार को जवाब देना होगा कि उन्होंने किस अधिकार के तहत नगर निगम के काम में अड़ंगा लगाया था।


Find Us on Facebook

Trending News