सेवा से रिटायर हुए लालू प्रसाद को जेल भेजनेवाले आईएएस ऑफिसर, चारा घोटाले को सबसे पहले इन्होंने ही किया था उजागर

सेवा से रिटायर हुए लालू प्रसाद को जेल भेजनेवाले आईएएस ऑफिसर, चारा घोटाले को सबसे पहले इन्होंने ही किया था उजागर

देश को दी नई शिक्षा नीति, कई चैनलों के शुरू होने में निभाई बड़ी भूमिका

NEW DEHLI /PATNA : चारा घोटाला, जब भी इसकी चर्चा होती है, तो सबसे पहले लालू प्रसाद का चेहरा सामने आ जाता है। लेकिन, बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि बिहार झारखंड के इस बड़े घोटाले को सबसे पहले कौन सामने लेकर आया था। वह एक IAS थे और उनका नाम है अमित खरे। वर्तमान में IAS ऑफिसर श्री खरे सूचना जनसंपर्क मंत्रालय के सचिव के भी प्रभार में थे, बुधवार को वह अपनी नौकरी की सेवा से रिटायर हो गए। इनके साथ ही झारखंड के प्रभारी डीजीपी एमवी राव ने भी अवकाश ग्रहण कर लिया। श्री राव होमगार्ड डीजी सह अग्निशमन के महासमादेष्टा (General Commandant) पद पर कार्यरत थे

चारा घोटाला उजागर करने को लेकर रहे चर्चा में

1985 बैच के बिहार- झारखंड कैडर के IAS अधिकारी अमित खरे तेज तर्रार अधिकारी में शुमार हैं. 36 साल के कार्यकाल में श्री खरे ने कई कार्यों को अंजाम दिया जो देश भर में सुर्खियां बटोरी. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा चारा घोटाला उजागर करने को लेकर हुई। पश्चिमी सिंहभूम जिला के डीसी रहते हुए श्री खरे ने वर्ष 1996 में चारा घोटाला मामले का खुलासा किया था. इस मामले को लेकर प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी. इसके कारण ही बिहार के पूर्व सीएम सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व सीएम जग्रनाथ मिश्र को जेल तक जानी पड़ी और इनका राजनीतिक करियर पर ना मिटनेवाला दाग लग गया।

देश को दी नई शिक्षा नीति 2020

IAS अधिकारी श्री खरे झारखंड के पहले वाणिज्यकर आयुक्त (Commercial Tax Commissioner) भी थे. इसके अलावा शिक्षा, वित्त और राज्यपाल के प्रधान सचिव से लेकर विकास आयुक्त के पद भी श्री खरे ने कार्य किये हैं. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गये श्री खरे ने कई बेहतर कार्य किये हैं. श्री खरे के नेतृत्व में देश में नई शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया.

सूचना एवं प्रसारण सचिव के तौर पर कई चैनल

वहीं, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव के अतिरिक्त प्रभार में रहने के दौरान झारखंड दूरदर्शन समेत दर्जनों सैटेलाइट चैनल लॉन्च कराने में महती भूमिका निभायी. इसके अलावा डिजिटल मीडिया पॉलिसी सहित प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को मजबूती प्रदान करने में अहम भूमिका निभायी.

पत्नी भी आईएएस

वर्ष 1961 में जन्मे अमित खरे की प्रारंभिक शिक्षा रांची के हिनू स्थित केंद्रीय विद्यालय से हुई. इसके बाद सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. श्री खरे के बड़े भाई अतुल खरे भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे हैं. इधर, श्री खरे की पत्नी भी IAS हैं. श्री खरे की पत्नी निधि खरे भी झारखंड के कई विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेवारी निभा चुकी है. श्रीमती खरे फिलहाल केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं.

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