तारीख पर तारीख नहीं ! जज साहब ने दो दिन में सुनाया फैसला, अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपी को दी 3 साल की सजा

तारीख पर तारीख नहीं ! जज साहब ने दो दिन में सुनाया फैसला, अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपी को दी 3 साल की सजा

NALANDA : आम तौर पर देश में अदालतों को लेकर एक छवि बनी हुई है कि यहां न्याय मिलने में कई साल लग जाते है। कई बार लोग न्याय का इंतजार कर इंतजार करते हुए दुनिया छोड़ देते हैं, लेकिन केस चलता रहता है। लेकिन अदालतों की इस छवि को तोड़ते हुए एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां महज दो दिन में मामले की सुनवाई कर फैसला सुनाया गया है। 

ऐसा मामला बिहार के नालंदा जिले में सामने आया है। दरअसल किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र ने अप्राकृतिक यौनाचार मामले में किशोर को महज 2 दिनों में सजा सुनाकर समाज को एक नया संदेश दिया है। पिछले 8 अक्टूबर को 4 वर्षीय मासूम के साथ गांव के ही एक किशोर ने अप्राकृतिक यौनाचार की घटना को अंजाम दिया। जज ने किशोर को तीन साल की सजा सुनायी है।

किशोर न्याय परिषद की सदस्या उषा कुमारी ने बताया कि नालंदा थाना इलाके के एक गांव में पिछले 8 अक्टूबर को गांव के ही एक 14 वर्षीय किशोर ने 4 वर्षीय मासूम को इमली और चॉकलेट देने के बहाने घर में बुलाकर उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया। थाने में मामला दर्ज होने के बाद 25 नवंबर को पुलिस द्वारा अंतिम 4 सीट चार्जशीट दाखिल किया गया। 5 गवाहों की गवाही के बाद महज 2 दिनों में न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र ने किशोर को 3 साल की सजा सुनाई। इसके पूर्व भी मानवेंद्र मिश्र ने कई ऐसे चर्चित फैसले सुनाए हैं जो समाज को एक नया संदेश देता है। उन्होंने हाल के दिनों में मेडल दिखाने पर मारपीट के आरोपी किशोर को सजा से मुक्त कर दिया था। 

नालंदा से राज की रिपोर्ट

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